सूरत लोकसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार मुकेश दलाल को निर्विरोध सांसद निर्वाचित हो गए हैं. राहुल गांधी ने इस मामले पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मैं बार-बार यह कह रहा हूं कि चुनाव सिर्फ सरकार बनाने के लिए नहीं होते, बल्कि संविधान को बचाने के लिए भी होते हैं.
बीजेपी उम्मीदवार मुकेश दलाल सूरत लोकसभा सीट पर निर्विरोध सांसद निर्वाचित हो गए हैं
सूरत लोकसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार मुकेश दलाल को निर्विरोध सांसद निर्वाचित हो गए हैं. सूरत में कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने और बाकी प्रत्याशियों की ओर से नामांकन वापस लिए जाने के बाद उन्हें निर्विरोध निर्वाचित कर दिया गया है. चुनाव से पहले ही बीजेपी की इस निर्विरोध जीत पर अब कांग्रेस ने निशाना साधा है. कांग्रेस ने बाकी उम्मीदवारों की ओर से पर्चा वापस लिए जाने पर भी सवाल खड़े किए हैं.
Also Read: सुप्रीम कोर्ट का आदेश: 30 हफ्ते की प्रेग्नेंट नाबालिग रेप पीड़ित के लिए गर्भपात की अनुमति
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि तानाशाही की असली ‘सूरत’ एक बार फिर से देश के सामने है. उन्होंने यह भी कहा कि जनता से अपना नेता चुनने का अधिकार छीन लेना बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान को खत्म करने की तरफ बढ़ाया गया एक और कदम है. मैं एक बार फिर से कह रहा हूं कि यह सिर्फ सरकार बनाने का चुनाव नहीं है, यह देश को बचाने और संविधान की रक्षा करने का चुनाव है.
Also Read: हॉन्गकॉन्ग ने एवरेस्ट और MDH मसाले पर लगाया बैन
कांग्रेस प्रत्याशी नीलेश कुंभाणी के नामांकन में खामियां गिनाते हुए उसे रद्द कर दिया
कांग्रेस नेता और पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया, सूरत में बीजेपी उम्मीदवार की निर्विरोध जीत के पीछे का क्रोनोलॉजी समझाते हुए. उन्होंने बताया कि पहले सूरत जिला चुनाव अधिकारी ने कांग्रेस प्रत्याशी नीलेश कुंभाणी के नामांकन में खामियां गिनाते हुए उसे रद्द कर दिया. अधिकारी ने तीन प्रस्तावकों के हस्ताक्षर के सत्यापन में खामी बताई. इसी तरह कांग्रेस के वैकल्पिक उम्मीदवार सुरेश पडसाला के नामांकन को भी खारिज कर दिया गया. दो नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस पार्टी यहां बिना उम्मीदवार के रह गई.
Also Read: कर्नाटक: पत्नी के सामने शादीशुदा महिला से रेप, फोटो खींच धर्म बदलने का डाला दबाव
जयराम रमेश ने आगे कहा कि बीजेपी प्रत्याशी मुकेश दलाल को छोड़कर बाकी सभी उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस ले लिया. मतदान से करीब दो सप्ताह पहले ही बीजेपी उम्मीदवार को निर्विरोध जिता दिया गया. उन्होंने कहा कि MSME मालिकों और व्यवसायियों की परेशानियों एवं गुस्से को देखते हुए बीजेपी इतनी डर गई है कि वह सूरत लोकसभा के मैच को फिक्स करने का प्रयास कर रही है.


More Stories
भारतीय एयरपोर्ट की व्यवस्था से प्रभावित हुए इजरायली राजदूत, साझा किया अनुभव
Centre Tightens Exit Norms Amid Spike in ISRO Resignations
Sonam Wangchuk’s Hunger Strike Enters Day 18, Health Worsens Amid Calls to End Fast