महाराष्ट्र में विधान परिषद के चुनाव के लिए बीजेपी ने पांच उम्मीदवारों की सूची जारी की है. इस सूची में पंकजा मुंडे का भी नाम शामिल है. बीजेपी ने पंकजा मुंडे के अलावा योगेश तिलेकर, परिणय फुके, अमित गोरखे और सदाभाऊ खोत को भी उम्मीदवार बनाया है.
इस साल महाराष्ट्र में विधान परिषद की 11 सीटों पर चुनाव
इस साल महाराष्ट्र में विधान परिषद की 11 सीटों पर चुनाव होना है. इन सभी सीटों के लिए मतदान 12 जुलाई को होगा और उसी दिन नतीजे घोषित किए जाएंगे.
Also Read: रिलायंस का मार्केट कैप 21 लाख करोड़ रुपए के पार पहुँचा
विधान परिषद चुनाव के लिए बीजेपी ने केंद्रीय नेतृत्व को 11 नामों की सूची भेजी थी. आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इनमें से पांच नामों पर मुहर लगा दी है. इस फैसले के बाद पंकजा मुंडे कई सालों बाद फिर से परिषद में नजर आएंगी. पंकजा मुंडे की उम्मीदवारी विधान परिषद के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
Also Read: कुवैत में 34 साल पहले 367 यात्रियों को बनाया गया था बंधक
पंकजा मुंडे कई सालों बाद पंकजा मुंडे कई सालों बाद फिर से परिषद में नजर आएंगी
पंकजा मुंडे का संसदीय राजनीति में सफर कुछ उतार-चढ़ाव भरा रहा है. उन्होंने हाल ही में बीड लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें राष्ट्रवादी कांग्रेस के उम्मीदवार बजरंग सोनवणे से हार का सामना करना पड़ा था. इससे पहले 2019 के विधानसभा चुनाव में भी पंकजा मुंडे को हार मिली थी.
Also Read: टीम इंडिया के नए हेड कोच की घोषणा जल्दी, गौतम गंभीर सबसे बड़े दावेदार
लोकसभा चुनाव में पंकजा मुंडे की हार से उनके कई समर्थकों को गहरा सदमा लगा था. इस सदमे के चलते चार समर्थकों ने आत्महत्या कर ली थी. पंकजा मुंडे ने वीडियो जारी कर अपने समर्थकों से अपील की थी कि वे आत्महत्या न करें, वरना वह राजनीति छोड़ देंगी.
Also Read: भूकंप की तीव्रता 6.9 रिक्टर स्केल पर हुई, जो पेरू को दहला दिया, सुनामी चेतावनी जारी
अब बीजेपी इन दोनों नेताओं को राज्य विधान परिषद में सीट देकर पुनर्वास करना चाहती है, जिससे भविष्य में उन्हें राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सके. इसका मतलब है कि ओबीसी समुदाय (पंकजा के मामले में) और मराठा समुदाय (रावसाहेब दानवे के मामले में) को यह संकेत दिया जा रहा है कि अगर बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन सत्ता में लौटती है, तो इन समुदायों को राज्य मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिल सकता है.


More Stories
कौन हैं मोजतबा ख़ामेनेई, जिन्हें अगल सुप्रीम लीडर माना जा रहा है
RSP Leads Nepal Election 2026
Nitish Kumar’s Rajya Sabha Decision Triggers Unease In JD(U), Leaders Seek Review