बिहार में राज्यसभा चुनाव के लिए मुकाबला दिलचस्प हो गया है, क्योंकि पांच सीटों पर छह उम्मीदवार मैदान में हैं। सबसे ज्यादा नजर पांचवीं सीट पर टिकी है। महागठबंधन की ओर से राजद ने अमरेंद्रधारी सिंह (एडी सिंह) को उम्मीदवार बनाया है, जो भूमिहार समुदाय से आते हैं और राज्य के अमीर सांसदों में गिने जाते हैं। तेजस्वी यादव इस सीट को जीतने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं।
पांचवीं सीट पर सियासी घमासान, भूमिहार समीकरण से बढ़ी एनडीए की चिंता
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राजद की नजर एनडीए के 23 भूमिहार विधायकों पर है, जिनमें भाजपा, जदयू और सहयोगी दलों के विधायक शामिल हैं। विपक्ष भूमिहार समीकरण और राजनीतिक संपर्कों के जरिए इन विधायकों को साधने की कोशिश में है, जिससे एनडीए की चिंता बढ़ गई है।
तेजस्वी यादव ने महागठबंधन, बसपा और AIMIM विधायकों की बैठक भी बुलाई है। माना जा रहा है कि अगर AIMIM के पांच और बसपा के एक विधायक समर्थन देते हैं तो राजद उम्मीदवार की जीत की राह आसान हो सकती है।
वहीं एनडीए की ओर से उपेंद्र कुशवाहा ने भी जीत का दावा किया है और अतिरिक्त विधायकों का समर्थन जुटाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के वोट जरूरी होते हैं, जिससे पांचवीं सीट का मुकाबला और रोचक बन गया है।


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