अमेठी और रायबरेली में कांग्रेस का उम्मीदवार अभी तक तय नहीं हुआ है, जो कि 20 मई को होने वाली यूपी की वोटिंग के लिए एक महत्वपूर्ण स्थिति है. ये दोनों ही सीटें कांग्रेस के गढ़ हैं, और इस विषय पर कई तरह के कयास चल रहे हैं. बीजेपी सांसद मेनका गांधी ने इस बारे में भी अपने विचार व्यक्त किए हैं.
20 मई को उत्तर प्रदेश की अमेठी और रायबरेली लोकसभा सीटों पर पांचवें चरण की वोटिंग होगी
20 मई को उत्तर प्रदेश की अमेठी और रायबरेली लोकसभा सीटों पर पांचवें चरण की वोटिंग होगी, लेकिन कांग्रेस अब तक इन सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों का ऐलान नहीं किया है. मेनका गांधी ने बताया कि सिर्फ दो दिन बचे हैं, लेकिन कांग्रेस कब पत्ते खोलेगी, यह सिर्फ पार्टी के आलाकमान को ही पता होगा. वह सुल्तानपुर से चुनाव लड़ रही हैं और इसमें वह उजागर हैं कि कांग्रेस की रणनीति की बारीकीयाँ केवल उन्हीं को पता होंगी. अमेठी-रायबरेली में 26 अप्रैल से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और यह 3 मई तक चलेगी.
अमेठी में कांग्रेस कैंप में गतिविधि में बढ़ोतरी देखी गई है. सोनिया गांधी के सांसद प्रतिनिधि और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव किशोरी लाल शर्मा अमेठी पहुंच गए हैं और वहाँ बैठकों का दौर शुरू हो चुका है.
राहुल गांधी वायनाड सीट नहीं छोड़ना चाहते हैं
अमेठी से सांसद राहुल गांधी अभी इस सीट से लड़ने के लिए तैयार नहीं हैं. उनका कहना है कि वायनाड और अमेठी दोनों सीटें जीतने पर जिसको भी छोड़ेंगे, वहां गलत संदेश जाएगा. राहुल वायनाड छोड़ने का विरोध करते हैं, क्योंकि अमेठी की हार के समय वायनाड ने उन्हें जिताया था. प्रियंका गांधी का कहना है कि तीनों गांधी संसद में बैठे, यह स्थिति सही नहीं है.
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अमेठी में राहुल गांधी और स्मृति ईरानी के बीच दो बार मुकाबला हुआ है और हर बार मामला टाई है. 2014 के पहले मुकाबले में राहुल गांधी ने स्मृति ईरानी को 1,07,903 वोटों के अंतर से हराया था. 2019 में दूसरे मुकाबले में स्मृति ईरानी ने पुराना हिसाब बराबर कर दिया और राहुल गांधी को 55,120 वोटों से हराया. जब राहुल गांधी ने 2019 में अमेठी से लोकसभा चुनाव लड़ा था, तो उन्हें 4,13,000 से अधिक वोट मिले थे.
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