भारत की प्रतिष्ठित UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल करने वाली जिनिया अरोड़ा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सफलता के पीछे परिवार का सहयोग, निरंतर सीखने की आदत और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के दौरान उन्हें हमेशा लगा कि किताबों के माध्यम से बहुत कुछ सीखा जा सकता है और ज्ञान ही व्यक्ति को आगे बढ़ने की दिशा देता है। जिनिया ने यह भी बताया कि उनकी मां उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा रही हैं, जिनसे उन्हें कठिन समय में भी आगे बढ़ने की ताकत मिली। उनके अनुसार हर लड़की को जीवन में समान अवसर मिलना जरूरी है, क्योंकि बिना अवसर के बड़े सपने देखना और उन्हें पूरा करना बेहद कठिन हो जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि देश के विकास के लिए केवल नीतियां ही नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति का विकास भी आवश्यक है। जब हर नागरिक अपनी क्षमता को पहचानकर आगे बढ़ता है, तभी एक मजबूत और विकसित भारत की नींव रखी जा सकती है। जिनिया का मानना है कि शिक्षा केवल परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सोचने और समझने की क्षमता को भी मजबूत बनाती है।
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UPSC सफलता में परिवार और प्रेरणा की भूमिका
जिनिया अरोड़ा ने अपने सफर के बारे में बताते हुए कहा कि उनके जीवन में उनकी मां की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने बताया कि परिवार का सहयोग किसी भी लक्ष्य को हासिल करने में बहुत बड़ी ताकत बन जाता है। उनकी मां ने हमेशा उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और हर कठिन परिस्थिति में उनका मनोबल बढ़ाया। जिनिया का कहना है कि हर लड़की को जीवन में आगे बढ़ने के लिए सही अवसर मिलना चाहिए, क्योंकि कई बार सामाजिक परिस्थितियां और सीमाएं प्रतिभा को सामने आने से रोक देती हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि करियर चुनते समय केवल सुरक्षित विकल्पों पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि व्यक्ति को अपने भीतर के जुनून और रुचि को भी समझना चाहिए। अगर किसी काम में दिलचस्पी और उत्साह नहीं होता, तो रोजमर्रा के कामों में संतुष्टि महसूस करना कठिन हो जाता है।
जिनिया अरोड़ा का मानना है कि किसी भी कठिन लक्ष्य को हासिल करने के लिए केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और भावनात्मक सहयोग भी उतना ही जरूरी होता है। उन्होंने बताया कि UPSC जैसी चुनौतीपूर्ण परीक्षा की तैयारी के दौरान कई बार निराशा और दबाव महसूस होता है, लेकिन ऐसे समय में परिवार का भरोसा और प्रोत्साहन व्यक्ति को फिर से संभलने की ताकत देता है। उनके अनुसार माता-पिता का विश्वास और समर्थन युवाओं को अपने सपनों पर टिके रहने के लिए प्रेरित करता है, जिससे वे कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानते और अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ते रहते हैं।
चुनौतियों को तोड़कर आगे बढ़ने का संदेश
जिनिया ने यह भी कहा कि समाज में हर व्यक्ति के सामने अलग-अलग तरह की चुनौतियां होती हैं। कई बार समाज कुछ सीमाएं तय कर देता है, जैसे कौन-सा करियर चुनना चाहिए या लड़कियों के लिए कौन-सी नौकरी उपयुक्त मानी जाती है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इन सीमाओं को तोड़ने के लिए आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प की आवश्यकता होती है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें हमेशा से सामाजिक विकास के क्षेत्र में काम करने में रुचि रही है। इसी रुचि ने उन्हें लोगों की मदद करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया। जब उन्होंने अपने प्रयासों से लोगों के चेहरे पर खुशी देखी, तो उन्हें अपने काम पर गर्व महसूस हुआ।
जिनिया ने यह भी कहा कि समाज द्वारा दी गई पहचान व्यक्ति की जिम्मेदारी को और मजबूत बनाती है। उनके अनुसार अगर युवाओं को सही दिशा, अवसर और प्रेरणा मिले, तो वे न केवल अपने सपने पूरे कर सकते हैं बल्कि देश और समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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