कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने UGC-NET की तीन परीक्षाएं रद्द किए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) परीक्षा व्यवस्था को सही तरीके से संचालित करने में लगातार विफल हो रही है। राहुल गांधी ने कहा कि सोशियोलॉजी, इंग्लिश और कॉमर्स विषयों की परीक्षाएं 22 से 30 जून के बीच आयोजित हुई थीं, लेकिन करीब दो महीने बाद NTA ने इन्हें रद्द कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि परीक्षा से जुड़ी खामियां पहले ही सामने आ सकती थीं, तो एजेंसी ने परिणाम आने से पहले कार्रवाई क्यों नहीं की। राहुल गांधी ने कहा कि हजारों छात्रों ने लंबे समय तक मेहनत करके परीक्षा की तैयारी की और अब उन्हें दोबारा परीक्षा देनी होगी।
राहुल गांधी ने NTA और केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्र सरकार और NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रों ने परीक्षा के लिए महीनों और वर्षों तक तैयारी की, आवेदन शुल्क जमा किया और कई उम्मीदवार परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करके गए। उनके मुताबिक, परीक्षा में हुई कथित गलतियों का सीधा असर छात्रों पर पड़ा है। राहुल गांधी ने कहा कि NTA की गलती का खामियाजा उन उम्मीदवारों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्होंने अपनी पढ़ाई और करियर की योजना परीक्षा को ध्यान में रखकर बनाई थी। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग करते हुए यह भी सवाल उठाया कि क्या परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों से जुड़ी कोई गड़बड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की समस्याओं का स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ऐसी व्यवस्था तैयार कर दी है, जिसमें छात्रों को परीक्षा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है और बाद में उन्हें ही दोबारा परीक्षा की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर भी निशाना साधा। कांग्रेस नेता ने कहा कि इस तरह की घटनाएं छात्रों के समय, पैसे, मेहनत और आत्मविश्वास को प्रभावित करती हैं। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी होने के बावजूद संबंधित एजेंसियां अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने से बचती हैं। राहुल गांधी ने NTA के नेतृत्व की जवाबदेही तय करने की मांग भी उठाई। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि वह परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाते रहेंगे और सरकार से जवाब मांगते रहेंगे।
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सितंबर में दोबारा होंगी UGC-NET की तीन विषयों की परीक्षाएं
NTA ने इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के प्रश्नपत्रों में स्पेलिंग, प्रिंटिंग, टाइपिंग, ट्रांसलेशन और ग्रामर से संबंधित समस्याओं की जानकारी दी। UGC-NET की तीन परीक्षाओं को दोबारा आयोजित करने का फैसला प्रश्नपत्रों में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आने के बाद लिया गया। एजेंसी ने इन खामियों को ध्यान में रखते हुए प्रभावित विषयों की परीक्षाएं फिर से कराने का कार्यक्रम जारी किया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, इंग्लिश की परीक्षा 9 सितंबर को सुबह 9 बजे से होगी, जबकि कॉमर्स की परीक्षा उसी दिन दोपहर 3 बजे शुरू होगी। सोशियोलॉजी की परीक्षा 10 सितंबर को सुबह 9 बजे आयोजित की जाएगी। इस फैसले से प्रभावित उम्मीदवारों को दोबारा परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा और NTA ने इसके लिए उनसे कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लेने की बात कही है।
UGC-NET परीक्षा रद्द होने के बाद एक बार फिर परीक्षा व्यवस्था और NTA की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। राहुल गांधी ने इस मामले को छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता से जोड़ते हुए केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। दूसरी ओर, प्रभावित उम्मीदवारों के सामने अब दोबारा परीक्षा की तैयारी करने की चुनौती खड़ी हो गई है। छात्रों को नई तारीखों के अनुसार अपनी तैयारी फिर से व्यवस्थित करनी होगी और परीक्षा केंद्र से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक निर्देशों पर नजर रखनी होगी। विवाद के बीच यह मामला केवल तीन विषयों की परीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, समयबद्धता और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े किए हैं। अब उम्मीदवारों की नजर दोबारा होने वाली परीक्षाओं और आगे की प्रक्रिया पर रहेगी।


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