राजस्थान का छोटा सा शहर सीकर आज देश की नंबर-1 शिक्षा नगरी के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। पिछले कुछ वर्षों में इस शहर ने शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है, जिसके कारण देश के विभिन्न राज्यों से हजारों विद्यार्थी यहां आकर अपने करियर के सपनों को साकार कर रहे हैं।
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नीट, जेईई, सीबीएसई और सीयूईटी में रिकॉर्ड ऑल इंडिया टॉपर्स
इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा योगदान प्रिंस एजुकेशन हब, सीकर का रहा है, जिसने अपने मजबूत शैक्षणिक ढांचे और परिणामों के दम पर पूरे देश में एक अलग पहचान बनाई है। प्रिंस ने अपने यूनिक और एडवांस्ड एजुकेशन पैटर्न के जरिए ऐसा वातावरण तैयार किया है, जहां विद्यार्थी न केवल पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं में भी लगातार शीर्ष स्थान हासिल करते हैं।
प्रिंस एजुकेशन हब ने विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में रिकॉर्ड सफलता हासिल की है। नीट में 720 में से 720 अंक प्राप्त कर देवेश जोशी ने ऑल इंडिया फर्स्ट रैंक हासिल की, वहीं सीबीएसई बोर्ड में खुशी शेखावत ने 500 में से 499 अंक लाकर देशभर में टॉप किया। इसके अलावा एनडीए, सीयूईटी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में भी प्रिंस के विद्यार्थियों ने ऑल इंडिया टॉप रैंक प्राप्त कर संस्थान का नाम रोशन किया है। हर वर्ष आईआईटी-जेईई, नीट, एनडीए, सीयूईटी, क्लैट, सीए फाउंडेशन और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हजारों विद्यार्थी उत्कृष्ट रैंक्स के साथ चयनित हो रहे हैं। यही नहीं, प्रिंस के स्टूडेंट्स ने ओलंपियाड्स और टैलेंट एग्जाम्स में भी हजारों मेडल जीतकर राज्य स्तर पर रिकॉर्ड बनाया है।
मोबाइल-फ्री कैंपस और मेंटरशिप से बेहतर परिणाम
प्रिंस का कॉम्पिटिशन स्कूलिंग मॉडल कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए बेहद प्रभावी साबित हो रहा है। इस मॉडल में स्कूलिंग के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाती है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और पर्सनैलिटी ग्रूमिंग दोनों पर बराबर ध्यान दिया जाता है। जहां अन्य संस्थानों में प्री-फाउंडेशन कोचिंग के कारण विद्यार्थी स्कूलिंग से दूर हो जाते हैं, वहीं प्रिंस अपने संतुलित दृष्टिकोण के कारण अभिभावकों और विद्यार्थियों की पहली पसंद बन गया है। कक्षा 11 और 12 के लिए स्पेशलाइज्ड कैंपस और अनुभवी फैकल्टीज के माध्यम से IIT-JEE, NEET, NDA, CLAT, CUET जैसी परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाती है, जिससे हर साल बेहतर परिणाम सामने आते हैं।
स्कॉलरशिप और कलाम योजना से गरीब छात्रों को सहारा
इसके अलावा प्रिंस एजुकेशन हब अपने समग्र विकास मॉडल के लिए भी जाना जाता है। यहां मोबाइल-फ्री कैंपस, इंडिविजुअल मेंटरशिप, कम्यूनिटी पुलिस द्वारा 24×7 सुरक्षा, और इंटरनेशनल स्टैंडर्ड स्पोर्ट्स सुविधाएं विद्यार्थियों को एक सुरक्षित और अनुशासित वातावरण प्रदान करती हैं। पर्सनैलिटी ग्रूमिंग के लिए रिटायर्ड डिफेंस ऑफिसर्स द्वारा ट्रेनिंग दी जाती है, वहीं स्कॉलरशिप योजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को भी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है। कलाम सक्षम छात्रवृत्ति योजना के तहत कई विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा और हॉस्टल सुविधा दी जाती है। आज प्रिंस एजुकेशन हब के 13 से अधिक बड़े कैंपस सीकर में संचालित हो रहे हैं, जो इस शहर को देश के शिक्षा मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
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