March 11, 2026

Central Times

Most Trusted News on the go

सैलरी

सैलरी: IFS या IAS, किसकी ज्यादा?

सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले कई युवाओं का सपना होता है कि वे Union Public Service Commission (UPSC) की परीक्षा पास कर बड़े अधिकारी बनें। खासतौर पर Indian Administrative Service (IAS) और Indian Foreign Service (IFS) सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली सेवाएं हैं। अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि इन दोनों में किसकी सैलरी ज्यादा होती है और क्या सच में IFS अधिकारी IAS से अधिक कमाते हैं।

7th Central Pay Commission के अनुसार IAS और IFS अधिकारियों की शुरुआती बेसिक सैलरी समान होती है, जो 56,100 रुपये प्रति माह है। यानी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद जब अधिकारी सेवा में शामिल होते हैं तो उनकी मूल तनख्वाह बराबर रहती है। अनुभव और प्रमोशन के साथ यह सैलरी धीरे-धीरे बढ़ती है और वरिष्ठ पदों पर पहुंचने पर बेसिक सैलरी करीब 2.5 लाख रुपये प्रति माह तक हो सकती है। हालांकि दोनों सेवाओं की कमाई में असली अंतर भत्तों से पड़ता है। IAS अधिकारी आमतौर पर भारत में विभिन्न राज्यों या केंद्र सरकार के विभागों में कार्यरत रहते हैं। उन्हें महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) और मेडिकल सुविधाएं मिलती हैं।

Also Read:8वें वेतन आयोग से सैलरी बढ़ोतरी की उम्मीद, 31 मार्च का इंतजार जारी

विदेश पोस्टिंग से बढ़ सकती है IFS अधिकारियों की कुल सैलरी

IFS अधिकारी अक्सर विदेशों में भारतीय दूतावासों और मिशनों में तैनात होते हैं। विदेश पोस्टिंग के दौरान उन्हें फॉरेन अलाउंस, हार्डशिप अलाउंस और अन्य अंतरराष्ट्रीय भत्ते मिलते हैं। इन अतिरिक्त भत्तों की वजह से उनकी कुल सैलरी कई बार ज्यादा हो जाती है। अगर भारत में पोस्टिंग हो, तो Indian Administrative Service (IAS) और Indian Foreign Service (IFS) दोनों अधिकारियों की इन-हैंड सैलरी करीब 1 लाख से 2.5 लाख रुपये प्रति माह हो सकती है। हालांकि, किसी विकसित देश में तैनाती मिलने पर IFS अधिकारी की कमाई 3 से 4 लाख रुपये महीना या उससे भी अधिक हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें विदेशी मुद्रा में भत्ते दिए जाते हैं। यह राशि देश और पोस्टिंग के अनुसार बदलती रहती है।

सैलरी के अलावा दोनों सेवाओं में कई सुविधाएं भी मिलती हैं। IAS अधिकारियों को सरकारी आवास, गाड़ी, ड्राइवर और कभी-कभी सुरक्षा भी दी जाती है। वहीं IFS अधिकारियों को विदेश में अच्छा घर और बच्चों की पढ़ाई की सुविधा मिलती है। कई बार उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं भी मिलती हैं। मेडिकल सुविधा और पेंशन दोनों सेवाओं में उपलब्ध रहती है। कुल मिलाकर IAS और IFS की बेसिक सैलरी समान होती है। लेकिन विदेश पोस्टिंग मिलने पर IFS अधिकारी की कुल कमाई ज्यादा हो सकती है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि IFS की सैलरी हमेशा IAS से ज्यादा होती है। यह पूरी तरह पद, पोस्टिंग और देश पर निर्भर करता है।

Also Read:फ्रेशर पार्टी में छात्र की मौत सुप्रीम कोर्ट ने 20 लाख मुआवजे का आदेश दिया