पीएम नरेन्द्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के 9वें संस्करण में देशभर के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से सीधा संवाद किया। इस कार्यक्रम में 4 करोड़ से अधिक छात्रों ने भाग लिया, जिससे यह अब तक का सबसे बड़ा संस्करण बन गया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने परीक्षा से जुड़ी चुनौतियों के साथ-साथ जीवन, शिक्षा और कौशल विकास पर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा पास करने का साधन नहीं, बल्कि जीवन को गढ़ने का माध्यम है। इसलिए, पढ़ाई के साथ मानसिक और भावनात्मक संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि संतुलन के बिना सफलता लंबे समय तक टिक नहीं पाती।
पीएम मोदी का संदेश – पढ़ाई से आगे भी सोचें
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आधी-अधूरी शिक्षा से जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल नहीं की जा सकतीं। इसलिए, केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रहना आज के समय में पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ अच्छे अंक लाना नहीं होना चाहिए। शिक्षा से सोचने और समझने की क्षमता भी विकसित होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जीवन कौशल और व्यावहारिक समझ भी उतनी ही जरूरी है। क्योंकि बिना इन कौशलों के कोई भी स्किल लंबे समय तक काम नहीं आती। छात्रों को चाहिए कि वे पढ़ाई के साथ-साथ अपने व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान दें। साथ ही, उन्हें आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित करनी चाहिए
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने पढ़ाई और स्किल के आपसी संबंध को विस्तार से समझाया। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। अगर पढ़ाई नहीं होगी, तो स्किल अधूरी रह जाएगी। वहीं स्किल के बिना पढ़ाई व्यावहारिक नहीं बन पाएगी। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में दोनों का संतुलन बेहद जरूरी है। इसी कारण छात्रों को हर क्षेत्र में संतुलन बनाकर आगे बढ़ना चाहिए। यही संतुलन उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करता है। दरअसल यही संपूर्ण विकास की असली कुंजी है।
Also Read : बांग्लादेश की US टैरिफ डील से भारत की बढ़ी टेंशन
क्यों जरूरी है जीवन में संतुलन
प्रधानमंत्री ने जीवन में संतुलन की अहमियत पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति एक तरफ ज्यादा झुकता है, तो उसके गिरने की संभावना बढ़ जाती है। इसी तरह, छात्र भी अगर केवल पढ़ाई या किसी एक चीज़ पर अत्यधिक ध्यान देंगे, तो वे मानसिक दबाव महसूस कर सकते हैं। इससे तनाव बढ़ता है और आत्मविश्वास कमजोर होता है। इसलिए जीवन में हर पहलू को संतुलन के साथ अपनाना जरूरी है। पढ़ाई के साथ आराम, खेल और रचनात्मक गतिविधियों को भी समय देना चाहिए। यही संतुलन छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत बनाता है।
अंत में पीएम मोदी ने छात्रों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने पढ़ाई के पैटर्न पर भरोसा रखना चाहिए। साथ ही शिक्षकों से मिलने वाले सुझावों को भी खुले मन से अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर छात्र की सीखने की क्षमता अलग होती है। इसलिए दूसरों से तुलना करने से बचना चाहिए। लक्ष्य हमेशा नजरों के सामने होना चाहिए। लेकिन उसे पाने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। “मन को जोतो, फिर मन को जोड़ो और फिर पढ़ाई के विषय रखो”—इस संदेश के साथ उन्होंने छात्रों को मानसिक मजबूती, आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का मंत्र दिया।
Also Read : GATE 2026 Exam Tomorrow: Key Guidelines Released


More Stories
मुझे न्याय दिलाओ तभी जलाना शव’, असिस्टेंट पोस्ट मास्टर ने सुसाइड से पहले छोड़ा संदेश
Doctor’s Cadaver Joke Sparks Row; Indian Skeleton Buried with Honors in Germany
‘अभिषेक या मैं’, ममता के करीबी कल्याण बनर्जी के बयान से TMC में बढ़ी सियासी हलचल