महाराष्ट्र के नागपुर में 12वीं कक्षा के पेपर लीक मामले की जांच तेज हो गई है। पुलिस ने पूरे नेटवर्क की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं और लीक का दायरा काफी व्यापक हो सकता है। आशंका है कि इसमें कई निजी कोचिंग संस्थान शामिल हैं। SIT की कार्रवाई से शहर के कोचिंग सेंटरों में हलचल है, परीक्षा बोर्ड के कुछ अधिकारी भी जांच के दायरे में।
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मुस्तफा पर मास्टरमाइंड होने का शक नागपुर में
सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क का मुख्य साजिशकर्ता मुस्तफा हो सकता है।जांच में परीक्षा बोर्ड के कुछ अधिकारियों की संलिप्तता की आशंका भी मजबूत हुई है।बताया जा रहा है कि बड़े पैमाने पर चल रहे निजी कोचिंग संस्थानों को SIT की कार्रवाई से बड़ा झटका लगा है, क्योंकि ये संस्थान छात्रों से मोटी फीस वसूलते थे।नागपुर के ‘सेंट उर्सुला’ परीक्षा केंद्र से रसायन विज्ञान का प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि हुई थी। परीक्षा के दौरान एक छात्रा के बार-बार वॉशरूम जाने पर शिक्षकों को संदेह हुआ। जब वह करीब 15 मिनट बाद लौटी तो पूछताछ में उसके पास स्मार्टफोन मिला। फोन की जांच में ‘XII’ नामक व्हाट्सएप ग्रुप में प्रश्नपत्र और उसके उत्तर साझा किए जाने का खुलासा हुआ। इसी ग्रुप पर भौतिक विज्ञान का पेपर लीक होने की जानकारी भी मिली।
इन सवालों का जवाब तलाश रही है पुलिस
1. पेपर वास्तव में कहां से लीक हुआ?
2. क्या शिक्षा बोर्ड के किसी अधिकारी की इसमें मिलीभगत है और उनकी क्या भूमिका है?
3. यह पेपर किन-किन लोगों तक पहुंचा और क्या इसे राज्य के अन्य जिलों में भी भेजा गया था?
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