March 7, 2026

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AI के बढ़ते इस्तेमाल से चिंतित इसके जनक, भविष्य को लेकर किया आगाह

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज लोगों की रोजमर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है और इसका इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। अब लोग AI को केवल एक तकनीकी सहायक की तरह नहीं देखते बल्कि कई मामलों में उस पर भावनात्मक रूप से भी निर्भर हो रहे हैं। इसी वजह से इस बदलती स्थिति ने तकनीकी विशेषज्ञों के बीच चिंता बढ़ा दी है। खास तौर पर, AI के गॉडफादर कहे जाने वाले कंप्यूटर वैज्ञानिक जेफ्री हिंटन इस विकास से बेहद परेशान नज़र आ रहे हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि दुनिया AI के बढ़ते खतरों को गंभीरता से नहीं ले रही है। इसलिए उन्होंने सार्वजनिक रूप से चेतावनी देना ज़रूरी समझा।

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AI के बढ़ते असर से चिंतित इसके जनक, भविष्य को लेकर जताई गंभीर आशंका

BBC न्यूजनाइट को दिए इंटरव्यू में हिंटन ने भविष्य को लेकर गहरी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में AI का रूप और ज्यादा खतरनाक हो सकता है। इसके साथ ही उन्होंने माना कि इस तकनीक को विकसित करने में जीवन बिताने का उन्हें अब दुख है। उनके अनुसार, यह सोच पीड़ादायक है कि वही तकनीक मानवता के लिए खतरा बन सकती है। गौरतलब है कि हिंटन ने आधुनिक AI की नींव माने जाने वाले न्यूरल नेटवर्क के विकास में अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि समय के साथ वह इसके सबसे मुखर आलोचक बन गए हैं और इसके सामाजिक असर पर खुलकर सवाल उठा रहे हैं।

नौकरियों से नियंत्रण तक, AI पर ‘गॉडफादर’ की सख़्त चेतावनी

हिंटन ने चेतावनी दी कि AI बड़े पैमाने पर नौकरियों को खत्म कर सकता है और समाज में अस्थिरता फैला सकता है। उनके मुताबिक, AI अंततः इंसानों से अधिक बुद्धिमान बन सकता है। इसी कारण, इंसानी नियंत्रण कमजोर पड़ने का खतरा बढ़ता है। उन्होंने कहा कि मानवता एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां मशीनें इंसानों से आगे निकल सकती हैं। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि अगले बीस वर्षों में AI इंसानी बुद्धिमत्ता को पार कर लेगा और कुछ क्षेत्रों में यह पहले ही हो चुका है। एक बार ऐसा होने के बाद, ऐसे सिस्टम को नियंत्रित करना बेहद मुश्किल होगा।

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