अमेरिका के न्यू मेक्सिको में एक जूरी ने बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मेटा को बच्चों की मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचाने और संभावित खतरों को छिपाने का दोषी ठहराया है। करीब सात हफ्तों तक चली सुनवाई के बाद आए इस निर्णय में जूरी ने माना कि कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा से ज्यादा मुनाफे को प्राथमिकता दी। जूरी के अनुसार, मेटा को Instagram, Facebook और WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों से जुड़े खतरों की पूरी जानकारी थी, लेकिन उसने इन्हें सार्वजनिक नहीं किया। साथ ही, कंपनी ने बच्चों के यौन शोषण के जोखिम और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को लेकर भ्रामक या गलत जानकारी भी दी।
Also Read:बंगाल वोटर लिस्ट विवाद से बढ़ी चिंता
मेटा पर कितने मामलों में क्या सजा?
जूरी ने हजारों उल्लंघनों को स्वीकार करते हुए Meta को कुल 37,500 मामलों में दोषी ठहराया। प्रत्येक उल्लंघन पर 5,000 डॉलर का जुर्माना लगाया गया, जिससे कुल पेनल्टी करीब 375 मिलियन डॉलर (लगभग 3,000 करोड़ रुपये) पहुंच Iचीफ जज Brian Biedscheid ने फैसला सुनाते हुए कहा कि Meta ने अनुचित और भ्रामक व्यावसायिक तरीके अपनाए और बच्चों की कमजोरियों का जानबूझकर फायदा उठाया।
आगे की स्थिति
इसी तरह का एक और मामला California की फेडरल कोर्ट में लंबित है, जहां यह तय होना बाकी है कि Meta और YouTube को जिम्मेदार ठहराया जाएगा या नहीं। इस फैसले को टेक कंपनियों के लिए एक चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है कि बच्चों की सुरक्षा की अनदेखी करने पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभाव को देखते हुए Australia ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Instagram जैसे प्लेटफॉर्म्स के उपयोग पर रोक लगा दी है। वहीं Germany ने भी छोटे बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर सख्त कदम उठाए हैं।
Also Read:ईरान युद्ध: मोजतबा बातचीत को तैयार, ट्रंप ने होर्मुज पर संकेत दिया


More Stories
पाकिस्तान की लगातार चौथी हार, ऑस्ट्रेलिया ने T20 वर्ल्ड कप में दर्ज की अपनी दूसरी सबसे बड़ी जीत
Epstein Testimony: Bill Gates Speaks on Affairs and Blackmail Fears in New Claims
पद्म भूषण समारोह के बाद भावुक हुईं अलका याग्निक, स्वास्थ्य पर कही बड़ी बात