July 27, 2026

Central Times

Most Trusted News on the go

धर्मेंद्र

इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान का पहला बयान, बोले- ‘मैं स्ट्रीट फाइटर हूं, AC कमरे का एक्टिविस्ट नहीं’

केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान की पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने आई। संसद भवन के गलियारे में कांग्रेस नेता जयराम रमेश से मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा, “मैं स्ट्रीट फाइटर हूं, AC रूम का एक्टिविस्ट नहीं।” यह बयान उस समय आया जब दोनों नेताओं के बीच पुराने राजनीतिक अनुभवों और बीते वर्षों की मुलाकातों पर बातचीत चल रही थी। प्रधान ने स्पष्ट किया कि उनका राजनीतिक सफर हमेशा जनता के बीच संघर्ष करते हुए आगे बढ़ा है। उन्होंने अपने बयान से यह संदेश देने का प्रयास किया कि वह जमीनी राजनीति में विश्वास रखते हैं। यह टिप्पणी इस्तीफे के बाद उनकी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया मानी जा रही है।

Also Read : पश्चिम बंगाल: बारुईपुर रेप केस का मुख्य आरोपी एनकाउंटर में मारा गया, मां ने शव लेने से किया इंकार

इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान का पहला बयान, जयराम रमेश को दिया जवाब

धर्मेंद्र प्रधान ने बातचीत के दौरान पुराने राजनीतिक दिनों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि जयराम रमेश ने कभी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सुशासन शैली की सराहना की थी। प्रधान ने कहा कि उस समय वह उनसे मिलने के लिए एआईसीसी कार्यालय तक पहुंचे थे। बाद में जब जयराम रमेश वाणिज्य मंत्री बने और वह सांसद बने, तब अपने क्षेत्र की मिर्ची किसानों से जुड़े मुद्दे को लेकर उनसे मुलाकात की थी। संसद में हुई हालिया मुलाकात के दौरान जयराम रमेश ने “इट हैपन्स” कहा। इसके जवाब में धर्मेंद्र प्रधान ने स्वयं को “स्ट्रीट फाइटर” बताते हुए अपनी राजनीतिक शैली का उल्लेख किया।

इसी बीच केंद्र सरकार ने सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के उद्देश्य से सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 लोकसभा में पेश किया। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में यह विधेयक प्रस्तुत किया। नए संशोधन में व्यक्तिगत अपराधियों और संगठित गिरोहों के लिए अलग-अलग दंड का प्रावधान किया गया है। सरकार ने परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कानून को पहले से अधिक कठोर बनाया है। संशोधित कानून का उद्देश्य संगठित पेपर माफिया और उनसे जुड़े नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

Also Read : दिल्ली-NCR का मौसम हुआ सुहाना, तेज बारिश से गर्मी का असर कम

पेपर लीक कानून में सख्ती, संसद पहुंचने पर एनडीए सांसदों ने किया स्वागत

संशोधित कानून के तहत परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी सेवा प्रदाता कंपनियों के खिलाफ भी सख्त प्रावधान किए गए हैं। यदि बायोमेट्रिक सत्यापन, प्रश्नपत्र परिवहन या परीक्षा प्रबंधन से जुड़ी किसी एजेंसी का निदेशक, वरिष्ठ प्रबंधक या अन्य जिम्मेदार अधिकारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। पहले ऐसे मामलों में अधिकतम पांच वर्ष की सजा और एक करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान था। अब संशोधन के बाद अधिकतम सजा दस वर्ष और जुर्माना बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इन प्रावधानों से परीक्षा प्रणाली में विश्वास और पारदर्शिता मजबूत होगी।

धर्मेंद्र प्रधान के संसद पहुंचने पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसदों ने उनका स्वागत किया। इस्तीफे के बाद संसद में यह उनकी पहली उपस्थिति थी और इस दौरान उनके चेहरे पर मुस्कान दिखाई दी। एक सांसद ने टिप्पणी करते हुए कहा कि संभवतः पहली बार किसी केंद्रीय मंत्री ने बिना किसी व्यक्तिगत आरोप के अपने पद से इस्तीफा दिया है। इस टिप्पणी ने संसद परिसर में मौजूद नेताओं और सांसदों का ध्यान आकर्षित किया। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और उनके ताजा बयान ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दिया है।

Also Read : पश्चिम बंगाल: बारुईपुर रेप केस का मुख्य आरोपी एनकाउंटर में मारा गया, मां ने शव लेने से किया इंकार