देवरिया जिले के पांडेचक बरनई स्थित श्री विजय राघव संस्कृत महाविद्यालय में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) राजेश कुमार सिंह के औचक निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के समय महाविद्यालय में न तो कोई छात्र मौजूद था और न ही कोई शिक्षक दिखाई दिया। परिसर में केवल एक कर्मचारी मिला, जो टेबल पर पैर रखकर गहरी नींद में सो रहा था। जांच टीम ने पूरे परिसर का निरीक्षण किया और घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया। इसके बावजूद कर्मचारी की नींद नहीं खुली।
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सीडीओ ने मान्यता और संचालन की विस्तृत जांच के दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि पूरा महाविद्यालय केवल तीन कमरों में संचालित हो रहा है। यह स्थिति देखकर अधिकारियों ने संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। जांच टीम ने कॉलेज की व्यवस्थाओं, छात्रों की उपस्थिति और शिक्षण गतिविधियों का भी जायजा लिया। प्रारंभिक निरीक्षण में नियमित पढ़ाई के कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले। इसके बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई।
सीडीओ ने कहा कि अब यह जांच की जाएगी कि महाविद्यालय निर्धारित नियमों और मानकों के अनुसार संचालित हो रहा है या नहीं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि यदि संस्थान को सरकारी सहायता मिल रही है, तो उसका सही उपयोग किया जा रहा है या नहीं। अधिकारियों को सभी आवश्यक दस्तावेजों और मान्यता संबंधी रिकॉर्ड की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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औचक निरीक्षण में कॉलेज की व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल
मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान एक कर्मचारी कमरे में सोता हुआ मिला। उन्होंने कहा कि टीम ने उसका वीडियो भी बनाया है और पूरे मामले की जांच जारी है। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि यदि यह सरकारी संस्थान है तो वहां नियमित पढ़ाई क्यों नहीं हो रही। यदि यह निजी संस्थान है, तब भी उसके संचालन और मान्यता से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर आवश्यक प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
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