संसद भवन की ओर मार्च कर रहे CJP के प्रदर्शनकारी सोमवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस पहुंच गए, जहां बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। प्रदर्शनकारियों ने आउटर सर्किल पर पहुंचकर कुछ बसों को रोक दिया और आगे बढ़ने की कोशिश की। भीड़ बढ़ने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आउटर सर्किल पर ट्रैफिक की आवाजाही भी रोक दी। इसके चलते कनॉट प्लेस और आसपास की सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई हिस्सों में जाम जैसी स्थिति पैदा हो गई। अचानक ट्रैफिक बाधित होने से आम यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को निर्धारित क्षेत्र में रोकने की कोशिश की, जबकि बड़ी संख्या में लोग संसद भवन की दिशा में आगे बढ़ने पर अड़े रहे।
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बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश, पुलिस से हुई झड़प
प्रदर्शन की शुरुआत कनॉट प्लेस से करीब 300 मीटर दूर स्थित जंतर-मंतर से हुई थी। इसके बाद प्रदर्शनकारी धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए जनपथ और फिर कनॉट प्लेस तक पहुंच गए। संसद भवन की ओर जाने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए थे। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने इन बैरिकेड को हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। कनॉट प्लेस के आउटर सर्किल पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी के कारण सामान्य यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशील स्थानों पर जवानों की संख्या बढ़ा दी और प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखी।
संसद मार्च के दौरान कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की स्थिति भी देखने को मिली। प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे, जबकि पुलिस ने उन्हें बैरिकेड के पीछे रोकने का प्रयास किया। हालात तनावपूर्ण होने के बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड तोड़ने और हटाने की कोशिश की। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। पुलिस की कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शनकारी काफी देर तक मौके पर मौजूद रहे और नारेबाजी करते रहे।
संसद मार्च में बड़ी संख्या में महिलाएं भी हुईं शामिल
इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी हिस्सा लिया और संसद मार्च में शामिल होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या और संसद भवन की ओर आगे बढ़ने की कोशिश को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। पुलिस ने कनॉट प्लेस, जनपथ और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी। प्रदर्शन के कारण इन इलाकों में आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक की रफ्तार धीमी हो गई, जबकि कुछ रास्तों पर वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था सामान्य करने की कोशिश करती रही।
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान कई मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट अस्थायी रूप से बंद कर दिए थे। इससे मेट्रो यात्रियों को कुछ समय के लिए परेशानी हुई और उन्हें वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ा। हालांकि, स्थिति में सुधार होने के बाद बंद किए गए मेट्रो स्टेशन के गेट दोबारा खोल दिए गए। कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में पुलिस बल की मौजूदगी फिलहाल बनी हुई है और अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। प्रदर्शन के कारण प्रभावित हुई यातायात व्यवस्था को सामान्य करने के लिए भी प्रयास किए गए।
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