बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा 2026 का परिणाम आधिकारिक रूप से घोषित कर दिया है, जिसमें इस वर्ष कुल 85.19 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने सफलता हासिल की। यह आंकड़ा पिछले वर्ष 2025 के मुकाबले थोड़ा कम है, जब 86.56 प्रतिशत छात्र-छात्राएं सफल हुए थे। इस बार के परिणामों ने एक बार फिर यह साबित किया कि राज्य में शिक्षा का स्तर लगातार सुधर रहा है, हालांकि पास प्रतिशत में हल्की गिरावट भी दर्ज की गई है। रिजल्ट जारी करते हुए बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सभी सफल छात्रों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की, साथ ही उन्होंने इस उपलब्धि को शिक्षा व्यवस्था में किए गए सुधारों का परिणाम बताया।
बिहार में छात्राओं का शानदार प्रदर्शन, मेरिट में दबदबा
इस वर्ष भी छात्राओं ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से बाजी मार ली और लड़कों की तुलना में बेहतर परिणाम हासिल किए। आंकड़ों के अनुसार, जहां लड़कों का पास प्रतिशत 84.09 रहा, वहीं छात्राओं ने 86.23 प्रतिशत के साथ स्पष्ट बढ़त बनाई। इतना ही नहीं, मेरिट लिस्ट में भी छात्राओं का दबदबा देखने को मिला, जहां कुल 26 टॉपर्स में से 19 छात्राएं शामिल रहीं। यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि छात्राएं न केवल शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, बल्कि वे लगातार उत्कृष्टता की नई मिसाल भी कायम कर रही हैं।
अगर टॉपर्स की बात करें तो इस बार आर्ट और कॉमर्स स्ट्रीम में छात्राओं ने शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि साइंस स्ट्रीम में एक छात्र ने पहला स्थान प्राप्त किया। समस्तीपुर के आदित्य प्रकाश अमन ने साइंस स्ट्रीम में 481 अंक (96 प्रतिशत) लाकर टॉप किया और अपने जिले का नाम रोशन किया। उनका यह प्रदर्शन दर्शाता है कि कठिन परिश्रम, समर्पण और सही दिशा में की गई तैयारी से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
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आर्ट- कॉमर्स में बेटियों ने रचा इतिहास
वहीं आर्ट स्ट्रीम में रितु कुमारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 489 अंक हासिल किए और पहला स्थान प्राप्त किया। इसी तरह कॉमर्स स्ट्रीम में निशु कुमारी ने 479 अंकों के साथ टॉप कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इन छात्राओं की सफलता यह दर्शाती है कि आज के समय में लड़कियां हर क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ बना रही हैं और शिक्षा के क्षेत्र में भी वे किसी से पीछे नहीं हैं।
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि बिहार ने एक बार फिर पूरे देश में सबसे पहले इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम घोषित करने का रिकॉर्ड कायम किया है। उन्होंने बताया कि बिहार लगातार आठवीं बार सबसे पहले 12वीं का रिजल्ट जारी करने में सफल रहा है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने यह भी कहा कि महज 25 दिनों के भीतर परीक्षा परिणाम तैयार करना प्रशासनिक दक्षता और समर्पण का प्रमाण है, और इसके लिए पूरी टीम बधाई की पात्र है।
पिछले वर्ष के परिणामों की तुलना करें तो 2025 में भी छात्रों ने अच्छा प्रदर्शन किया था, जब कुल 86.56 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल हुए थे। उस समय साइंस स्ट्रीम में पश्चिमी चंपारण की प्रिया जायसवाल ने 484 अंकों के साथ टॉप किया था, जबकि आर्ट स्ट्रीम में वैशाली की अंकिता कुमारी और बक्सर के शाकिब शाह ने 473-473 अंक (94.6 प्रतिशत) हासिल किए थे। वहीं कॉमर्स स्ट्रीम में वैशाली की रौशनी कुमारी ने 475 अंकों के साथ पहला स्थान प्राप्त किया था। इस वर्ष भले ही कुल पास प्रतिशत में थोड़ी गिरावट आई हो, लेकिन छात्रों और विशेष रूप से छात्राओं का शानदार प्रदर्शन यह दिखाता है कि बिहार में शिक्षा की दिशा सही राह पर आगे बढ़ रही है।
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