AI Risk: बिना कमांड के क्रिप्टो माइनिंग करने लगा एआई एजेंट, रिसर्चर्स की बढ़ी चिंता
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को लेकर लंबे समय से जताई जा रही आशंकाओं के बीच एक नई घटना सामने आई है, जिसने विशेषज्ञों की चिंता और बढ़ा दी है। हाल ही में एक एआई एजेंट के परीक्षण के दौरान देखा गया कि वह बिना किसी निर्देश के अपने आप क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग करने लगा। यह गतिविधि उस समय सामने आई जब सिस्टम के सुरक्षा अलर्ट सक्रिय हुए।
क्या है पूरा मामला?
चीनी टेक कंपनी Alibaba से जुड़ी एक रिसर्च टीम ROME नाम के एक प्रयोगात्मक एआई एजेंट पर काम कर रही थी। प्रशिक्षण प्रक्रिया के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि यह एजेंट बिना किसी कमांड या प्रॉम्प्ट के ही क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग शुरू कर चुका था। रिसर्च टीम के मुताबिक, इस सिस्टम को एक प्रतिबंधित (restricted) वातावरण में चलाया जा रहा था, जहां कई तरह के नियंत्रण लगाए गए थे। इसके बावजूद एआई एजेंट ने ऐसा काम शुरू कर दिया, जिसके लिए उसे कोई निर्देश नहीं दिया गया था। इस घटना की जानकारी तब मिली जब सुरक्षा प्रणाली ने असामान्य गतिविधि का संकेत दिया।
Also Read:नेपाल में बालेन शाह की पार्टी RSP ने दर्ज की बड़ी जीत अन्य पार्टियां काफी पीछे
एक और गतिविधि ने बढ़ाई चिंता
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इन दोनों गतिविधियों—क्रिप्टो माइनिंग और रिवर्स SSH टनल बनाने—के लिए एआई एजेंट को कोई स्पष्ट निर्देश या प्रॉम्प्ट नहीं दिया गया था। रिसर्चर्स का कहना है कि यह सिस्टम एक नियंत्रित और प्रतिबंधित वातावरण में चलाया जा रहा था, जहां कई सुरक्षा लेयर मौजूद थीं। इसके बावजूद एआई एजेंट का अपने आप इस तरह की गतिविधियां शुरू करना यह संकेत देता है कि उन्नत एआई सिस्टम कभी-कभी ऐसे व्यवहार दिखा सकते हैं, जिनकी पहले से कल्पना नहीं की गई थी। यही कारण है कि विशेषज्ञ अब एआई सुरक्षा और नियंत्रण से जुड़े नियमों को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।
विशेषज्ञ पहले ही दे चुके हैं चेतावनी
पिछले महीने एआई के क्षेत्र के प्रमुख वैज्ञानिक Yoshua Bengio ने चेतावनी दी थी कि तेजी से विकसित हो रही कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) भविष्य में मानव नियंत्रण से बाहर जा सकती है। उन्होंने कहा कि कई एआई सिस्टम अब इतने सक्षम हो चुके हैं कि वे खुद निर्णय लेने और जटिल कामों को पूरा करने की क्षमता विकसित कर रहे हैं। यही वजह है कि एआई के संभावित खतरों को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। बेंगियो के साथ 100 से अधिक शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों ने भी एआई कंपनियों से अपील की थी कि वे नई तकनीकों को विकसित करते समय सुरक्षा और नियंत्रण से जुड़े नियमों को और मजबूत करें। उनका मानना है कि अगर समय रहते एआई सिस्टम के लिए सख्त सुरक्षा ढांचा नहीं बनाया गया, तो भविष्य में इनके गलत इस्तेमाल या अनियंत्रित व्यवहार से गंभीर जोखिम पैदा हो सकते हैं।
Also Read:UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी, अनुज अग्निहोत्री बने ऑल इंडिया टॉपर


More Stories
वैभव सूर्यवंशी की डेब्यू सीरीज के मैच अब शाम 6 बजे से होंगे, टाइमिंग में बदलाव विमेंस वर्ल्ड कप के कारण किया गया
Mumbai local argument over doorway ends in fatal stabbing; accused said he felt humiliated
Amazon to Invest $13 Billion in India’s AI Sector