ग्रेजुएशन के बाद बड़ी संख्या में छात्र MBA को अपने करियर की मजबूत नींव मानते हैं, लेकिन AI के तेज़ी से बढ़ते प्रभाव ने उनके मन में असमंजस पैदा कर दिया है। कई छात्रों को डर है कि कहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उनकी मैनेजमेंट स्किल्स को अप्रासंगिक न बना दे। इसी बीच सवाल उठता है कि अगर AI सब कुछ कर सकता है, तो कंपनियां MBA ग्रेजुएट्स को 36 लाख रुपये सालाना से ज्यादा के पैकेज क्यों दे रही हैं।
हकीकत यह है कि टेक्नोलॉजी के साथ इंडस्ट्री की ज़रूरतें भी बदलती हैं। कंपनियां अब ऐसे प्रोफेशनल्स चाहती हैं जो AI को केवल एक टूल की तरह नहीं, बल्कि बिजनेस आउटकम से जोड़कर इस्तेमाल कर सकें। यही वजह है कि हाई पैकेज उन्हीं छात्रों को मिल रहा है जिनके पास स्ट्रैटेजिक सोच, लीडरशिप और ह्यूमन जजमेंट को टेक्निकल स्किल्स के साथ जोड़ने की क्षमता है।
क्यों टॉप कंपनियां MBA ग्रेजुएट्स पर दांव लगा रही हैं
इस बदलते दौर में सवाल यह भी है कि क्या भारत के मैनेजमेंट संस्थान छात्रों को इस तरह की तैयारी दे पा रहे हैं। इसी संदर्भ में जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट ने खुद को भारत के पहले AI नेटिव बी-स्कूल के रूप में स्थापित किया है, जहां AI को किसी एक सब्जेक्ट तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि पूरे करिकुलम में इंटीग्रेट किया गया है।
संस्थान का फोकस इस विचार पर है कि टेक्नोलॉजी अकेले काफी नहीं होती। जयपुरिया का मानना है कि बेहतर निर्णय लेने के लिए कल्चर, एथिक्स, स्ट्रैटेजी और ह्यूमन वैल्यूज़ का AI के साथ संतुलन जरूरी है। यही सोच ऐसे मैनेजर्स तैयार करती है जो डेटा के साथ-साथ ज़िम्मेदारी और स्पष्टता के साथ फैसले ले सकें।
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AI युग में बदलती MBA की भूमिका
जयपुरिया की शिक्षा प्रणाली तीन मजबूत पिलर्स पर आधारित है—स्टूडेंट फर्स्ट, AI नेटिव और करियर रेडी। छात्रों की 100 घंटे से ज्यादा की पर्सनलाइज्ड मॉनिटरिंग, लीडरशिप डेवलपमेंट के लिए 50 से अधिक क्लब और इंडस्ट्री-रेडी AI प्लेटफॉर्म्स के इस्तेमाल से उनकी स्किल्स को लगातार निखारा जाता है।
इन प्रयासों का असर प्लेसमेंट में साफ दिखाई देता है। पिछले साल संस्थान का हाईएस्ट पैकेज ₹36.7 लाख रहा, जबकि मौजूदा सत्र में भी ₹24.1 लाख तक के ऑफर मिल चुके हैं। 275 से अधिक रिक्रूटर्स की मौजूदगी और 100 प्रतिशत इंटर्नशिप प्लेसमेंट यह साबित करता है कि AI के युग में भी स्किल-बेस्ड MBA की वैल्यू सिर्फ बनी हुई नहीं है, बल्कि और मजबूत हो रही है।


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