
बिजनौर जनपद में स्योहारा के गांव राणा नंगला की पगडंडियों पर दौड़ने की शुरुआत करने वाला कुख्यात आदित्य राणा कदम-कदम पर पुलिस को मात देता रहा है। यह अपराधी दो बार पुलिस को चकमा देकर हिरासत से और चार बार पुलिस घेराबंदी व फायरिंग के बीच पुलिस को चकमा देकर भाग चुका है। अब पुलिस के लिए बड़ा सिरदर्द बन गया है।
राणा नंगला के ग्रामीणों की माने तो यह अपराधी युवावस्था में अच्छा खिलाड़ी रहा है। स्कूल कॉलेज स्तर पर होने वाली दौड़ प्रतियोगिताओं में उसने कई मेडल भी झटके। अच्छा धावक था और सीआरपीएफ में भर्ती भी हो गया।

इसी दौरान अपराध दलदल में कूद पड़ा और कासमाबाद में 11 दिसंबर 2013 को हुई धर्मवीर की हत्या में आदित्य सहित चार के खिलाफ केस दर्ज हुआ। आदित्य ने 22 जून 2014 को मुरादाबाद के सिविल लाइंस में डॉ. जहांगीर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इन दोनों मामलों में वह गिरफ्तार हुआ। वहीं तीन अगस्त 2017 को पेशी के दौरान कचहरी से सिपाहियों की आंखों में मिर्च झोंककर फरार हो गया था।

इसके बाद तीन बार और पुलिस ने उसे घेरा लेकिन वह हाथ नहीं आया। पुलिस का शिकंजा कसा तो उसने कोर्ट में समर्पण कर दिया। इसके बाद फिर पेशी के दौरान मंगलवार रात शाहजहांपुर से फरार हो गया। नौ साल में आदित्य पर 41 मुकदमे दर्ज हुए।

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