अयोध्या में हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले से जैसे ही सीतापुर के लहरपुर का मूड़ीखेड़ा गांव जुड़ा, यह गांव पूरे प्रदेश में चर्चा का केंद्र बन गया। जिला मुख्यालय से 22 किलोमीटर दूर लहरपुर-सीतापुर मुख्य मार्ग पर स्थित गनेशपुर मोड़ से पक्के रास्ते पर तीन किलोमीटर की दूरी पर मूड़ीखेड़ा गांव की सीमा शुरू होती है। गांव के तंग खड़ंजा मार्ग पर तीसरा घर राजू खान का है, जिसे अयोध्या में नाबालिग संग दुष्कर्म का आरोपित बताया जा रहा है।
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इस घटना के खुलासे से गांव के लोग बेहद शर्मिंदा और दुखी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि राजू खान ने अपने घिनौने कर्मों से पूरे गांव को बदनाम कर दिया है। सोमवार को मूड़ीखेड़ा गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था, और जब अयोध्या दुष्कर्म कांड पर चर्चा की गई, तो ग्रामीणों ने सिर झुका लिया। राजू खान के बारे में बात करने के लिए पहले तो कोई भी तैयार नहीं हुआ। गांव के लोगों ने कहा कि यह घटना न केवल गांव की प्रतिष्ठा के लिए धक्का है, बल्कि समाज के लिए भी एक बुरी छवि प्रस्तुत करती है।
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सीतापुर: ग्रामीणों की सख्त सजा की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि राजू की इस करतूत ने पूरे गांव को कलंकित कर दिया है। उन्होंने बताया कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था और राजू की इस हरकत ने सभी को शर्मसार कर दिया है। गांव के लोग अब यही चाहते हैं कि दोषी को सख्त से सख्त सजा मिले ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा अपराध करने से पहले सौ बार सोचे।
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मूड़ीखेड़ा गांव में इस घटना के बाद से लोग सहमे हुए हैं और गांव में एक अजीब सा सन्नाटा छाया हुआ है। लोगों का कहना है कि अब गांव की पहचान एक ऐसे स्थान के रूप में हो गई है, जहां का निवासी एक गंभीर अपराध में लिप्त पाया गया है। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि उनके गांव का नाम इस तरह की घटना से जुड़ जाएगा। सभी की यही इच्छा है कि न्याय हो और दोषी को उसकी करनी का फल मिले, ताकि गांव की बदनामी थोड़ी कम हो सके।


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