कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कानपुर निवासी शुभम द्विवेदी की दर्दनाक मौत हो गई. शुभम, जो फरवरी 2025 में विवाह के बंधन में बंधे थे, अपने परिवार के साथ कश्मीर की वादियों में घूमने गए थे. 22 अप्रैल को, जब वे अपनी पत्नी के साथ घुड़सवारी कर रहे थे, तभी आतंकियों ने उनका नाम पूछा और कलमा पढ़ने के लिए कहा. शुभम के इनकार करने पर, आतंकियों ने उन्हें सिर में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई. यह भयावह घटना उनकी पत्नी के सामने घटी, जिसे आतंकियों ने यह कहकर छोड़ दिया कि “जाकर अपनी सरकार को बता देना”.
Also read: भारत के जवाबी हमले के डर से कांपी PAF, भारतीय सीमा के पास रातभर रही हलचल
कश्मीर यात्रा के दौरान आतंकियों ने ली नवविवाहित शुभम की जान, पत्नी के सामने हुई दर्दनाक घटना
उनके परिवार में गहरा शोक व्याप्त है, और उन्होंने सरकार से मांग की है कि आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों. द्विवेदी कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के हाथीपुर रघुवीर नगर के रहने वाले थे. उनके पिता संजय द्विवेदी कानपुर में सीमेंट का व्यवसाय करते हैं. वह पूरे परिवार के साथ कश्मीर गए थे. लेकिन आतंकियों का शिकार बन गए. शुभम की हत्या की पुष्टि थानाध्यक्ष महाराजपुर संजय पाण्डेय ने की है. मृतक का घर थाना चकेरी क्षेत्र के श्यामनगर में भी है. शुभम की हत्या की खबर से कानपुर में मौजूद उनके परिवार के लोग सदमे में हैं.
Also read: UPSC: मिर्जापुर की SDM सौम्या को 18वीं रैंक, उन्नाव की दो बहनें भी सफल
जानकारी के मुताबिक, शुभम अपनी पत्नी और माता-पिता समेत परिवार के अन्य सदस्यों के साथ कश्मीर घूमने गए थे. दोपहर को 3 बजे के करीब जब उनके चाचा ने हालचाल जानने के लिए उनके पिता को फोन किया तो उनको इस घटना के बारे में पता चला.
शुभम के चाचा के मुताबिक, वह अपनी पत्नी के साथ घुड़सवारी के लिए निकला था, तभी आतंकियों ने पहले उनका नाम पूछा और फिर गोली मार दी. ये बातें शुभम की पत्नी ने परिवार को बताई हैं.


More Stories
Jai Kisan Sangathan Leader Suspends Hunger Strike After MP Govt Agrees to Fresh Rehabilitation Survey
नरवर किले से चोरी हुई 400 साल पुरानी सिंधियाकालीन तोप की तलाश तेज, राजस्थान में चला मेगा सर्च ऑपरेशन
मैकेनिकल इंजीनियर बना हाईटेक चोर, इंदौर पुलिस ने किया बड़ा खुलासा