जम्मू-कश्मीर में एक और आतंकी हमला हुआ है, जहां पुलवामा में आतंकियों ने एक गैर-कश्मीरी मजदूर को निशाना बनाया। गोली लगने से मजदूर घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल इलाके में गुरुवार सुबह आतंकवादियों ने उत्तर प्रदेश के एक मजदूर को गोली मारकर घायल कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि बिजनौर निवासी प्रीतम सिंह को बटागुंड गांव में आतंकवादियों ने गोली मार दी, मजदूर के हाथ में गोली लगी है। प्रीतम सिंह को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। पिछले एक सप्ताह में कश्मीर में गैर-स्थानीय मजदूरों पर लगातार हमले हो रहे है।
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गांदरबल में प्रवासी मजदूरों पर आतंकियों का हमला: 1 डॉक्टर और 6 मजदूरों की हत्या
इससे पहले, गांदरबल में श्रीनगर-लेह हाईवे पर सोनमर्ग के पास गगनगीर इलाके में जेड मोड़ सुरंग निर्माण कर रही कंपनी में कार्यरत प्रवासी मजदूरों पर रविवार की रात आतंकियों ने हमला कर एक डॉक्टर और छह मजदूरों की हत्या कर दी थी।
मारे गए मजदूरों में कश्मीरी और गैर कश्मीरी दोनों हैं। प्रवासी मजदूरों पर हाल के वर्षों का सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है। आतंकी दो बताए जा रहे हैं। यह वारदात शोपियां में बिहार के मजदूर अशोक चौहान के आतंकी हमले में मारे जाने के एक दिन बाद हुई है।
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कश्मीर में प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर खतरा: 2021 की तरह फिर से हमलों की आशंका
बता दें कि कश्मीर के अलग-अलग जिलों में चलने वाली तमाम बड़ी परियोजनाओं में प्रवासी मजदूर काम करते हैं। बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब के मजदूर कश्मीर में सेब के बगीचों और इसकी पैकिंग में काम करते हैं। निर्माण कंपनियों के विभिन्न प्रोजेक्ट में ये काम करते हैं। यहां तक कि कश्मीर में स्थानीय स्तर पर फल-सब्जी बेचने वालों में भी इनकी बड़ी संख्या है। रेलवे की योजनाओं में भी इन मजदूरों से काम लिया जाता है।
जानकारी के अनुसार, आतंकियों ने 2021 में भी इसी तरह प्रवासी मजदूरों पर आतंकी हमले किए थे। 16 और 17 अक्तूबर, 2021 को बिहार एवं यूपी के चार मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। तब घाटी से बड़े स्तर पर प्रवासी मजदूरों ने पलायन किया था। अब फिर कश्मीर में वैसा ही माहौल पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
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