तमिलनाडु के सलेम जिले में एक स्कूल के शारीरिक शिक्षा शिक्षक अन्नामलाई ने छात्रों के फुटबॉल खेल में खराब प्रदर्शन से नाराज होकर उनकी लात-घूसों से जमकर पिटाई कर दी. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. तुरंत ही घायल छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. वीडियो के वायरल होने के बाद, संगागिरी जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच की और आरोपी शिक्षक को निलंबित कर दिया.
Also Read: ‘राहुल गांधी सबसे खतरनाक, जहरीले और विनाशकारी हैं…’: BJP MP कंगना रनौत
यह वीडियो एक फुटबॉल मैच के बाद का है, जिसमें अनामलाई खिलाड़ियों के प्रदर्शन से नाखुश नजर आ रहे थे. उन्होंने मैदान में बैठे बच्चों को बारी-बारी से बुलाया, उन्हें बताया कि उन्होंने कहाँ गलती की, और फिर उन्हें थप्पड़ मारे. कुछ खिलाड़ियों के बाल भी खींचे गए और उन्हें लात मारी गई. इस दौरान, अन्य शिक्षक और बच्चे भी वहां मौजूद थे, लेकिन किसी ने बच्चों को बचाने की कोशिश नहीं की.
Also Read: Elon Musk: Neuralink Aims to Enhance Human Capabilities to Compete with AI
वीडियो वायरल होने के बाद अनामलाई को कारण बताओ नोटिस और निलंबन
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर होने के बाद, सलेम के मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) एम. कबीर ने अनामलाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया. इसके बाद स्कूल प्रशासन ने अनामलाई को तुरंत निलंबित कर दिया. स्कूल द्वारा जारी किए गए एक बयान में कहा गया कि अनामलाई पिछले 22 वर्षों से इस स्कूल में कार्यरत थे, लेकिन इस घटना ने स्कूल की छवि को धूमिल कर दिया है. अनामलाई ने अपने इस व्यवहार के लिए स्पष्टीकरण देने की कोशिश की, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया.
Also Read: बिहार: जहानाबाद के बाबा सिद्धनाथ मंदिर में मची भगदड़, सात की हुई मौत, 10 से अधिक लोग घायल
तमिलनाडु: शिक्षक के व्यवहार पर सवाल उठाए गए
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों में गुस्सा और निराशा की लहर है. लोग इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि कैसे एक शिक्षक इस तरह का व्यवहार कर सकता है और कैसे अन्य शिक्षक और बच्चे इसे मूकदर्शक बनकर देखते रहे. इस मामले ने न केवल शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं बल्कि उन मानकों पर भी जिनके तहत शिक्षक बच्चों के साथ व्यवहार करते हैं. शिक्षक के पद पर आसीन व्यक्ति को अपने गुस्से और निराशा पर नियंत्रण रखना कितना महत्वपूर्ण है. बच्चों के साथ इस तरह का बर्ताव न केवल उनके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालता है, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देता है.
Also Read: Neuralink: The Future of Brain-Computer Interfaces


More Stories
AIIMS जोधपुर से पढ़ाई, UPSC में टॉप कर बने मिसाल अनुज अग्निहोत्री
IAF Fighter Jet Crash in Karbi Anglong Kills Two Pilots
Nitish Kumar’s Rajya Sabha Decision Triggers Unease In JD(U), Leaders Seek Review