लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड में मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे को पुलिस ने उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर के साथ नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने श्रद्धा की गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। नागपुर पहुंचने से पहले श्रद्धा ने आगरा में करीब 24 घंटे बिताए थे। ताजनगरी के ताज नगरी फेज-1 स्थित होटल ओम पैलेस के सीसीटीवी फुटेज में वह बुर्का पहनकर अपनी पहचान छिपाती नजर आई। फुटेज में उसके साथ एक युवक और एक युवती भी दिखाई दिए। होटल के रजिस्टर में युवक का नाम देवराज यादव दर्ज मिला। उसने दोनों कमरों की बुकिंग कराई थी। हालांकि, आगरा एसटीएफ और लखनऊ क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम होटल पहुंचती, उससे पहले ही तीनों आरोपी वहां से निकल गए।
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देवराज यादव ने कराई थी होटल के कमरों की बुकिंग
जांच के मुताबिक, 17 अक्टूबर की सुबह करीब 6:33 बजे एक संदिग्ध वाहन होटल ओम पैलेस के बाहर पहुंचा। इसके लगभग 20 मिनट बाद सुबह 6:53 बजे श्रद्धा अपने साथियों के साथ होटल के अंदर दाखिल हुई। होटल के रिसेप्शनिस्ट मयंक ने बताया कि देवराज यादव ने अपना पहचान पत्र दिखाकर दो कमरे बुक कराए थे। होटल के रिकॉर्ड के अनुसार, तीनों 18 अक्टूबर की सुबह करीब साढ़े छह बजे चेकआउट करके बाहर निकले। इसके बाद वे आगरा नंबर की अर्टिगा कार में बैठकर वहां से चले गए। पुलिस टीम जब होटल पहुंची, तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। अब जांच एजेंसियां होटल के रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज और इस्तेमाल की गई कार के नंबर की मदद से आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाने में जुटी हैं।
होटल कर्मचारियों के मुताबिक, बुर्का पहने महिला ने करीब 24 घंटे के दौरान अपने कमरे से बाहर कदम नहीं रखा। वह और उसके साथी कमरे में ही खाना मंगवाते रहे। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, श्रद्धा आगरा में किसी स्थानीय अधिवक्ता से संपर्क करने और कानूनी सलाह लेने पहुंची थी। ऐसी आशंका भी जताई गई कि वह किसी स्थानीय अदालत में आत्मसमर्पण करने की योजना बना रही थी, ताकि लखनऊ पुलिस की गिरफ्तारी से बच सके। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस संभावित योजना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा और उसके साथियों को जब अपनी लोकेशन का पता पुलिस को चलने की भनक लगी, तो वे सुबह ही होटल से निकल गए। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपियों को पुलिस की कार्रवाई की जानकारी किसने दी और आगरा में उन्हें किसने मदद पहुंचाई।
पुलिस टीम पहुंचने से पहले फरार हुए आरोपी
श्रद्धा दुबे की लोकेशन मिलने के बाद आगरा एसटीएफ और लखनऊ क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम होटल ओम पैलेस पहुंची। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही तीनों आरोपी वहां से जा चुके थे। इसके बाद जांच एजेंसियों ने होटल के रजिस्टर और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की जांच शुरू की। अधिकारी कार के नंबर और अन्य उपलब्ध सुरागों के आधार पर आरोपियों के आने-जाने का रास्ता पता लगाने में जुटे हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपियों ने आगरा से निकलने के बाद किस रास्ते का इस्तेमाल किया और उन्हें किन लोगों ने सहायता दी। रिपोर्टों के अनुसार, श्रद्धा नेपाल बॉर्डर के आसपास के इलाके से लेकर आगरा और फिर नागपुर तक अपनी लोकेशन बदलती रही। आखिरकार पुलिस ने नागपुर में श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया।
लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से 9 अक्टूबर को कारोबारी शिवा शर्मा संदिग्ध परिस्थितियों में नीचे गिर गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई। शिवा की मां रंजना शर्मा ने इस मामले में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि, ड्राइवर और दो अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करने के साथ ही मुख्य आरोपी श्रद्धा की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की तलाश में अलग-अलग जगहों पर छानबीन की। रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे, जिससे पुलिस को उन्हें पकड़ने में चुनौती का सामना करना पड़ा। आखिरकार नागपुर में श्रद्धा, उसकी बहन और ड्राइवर की गिरफ्तारी हुई। अब जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ कर हत्या के मामले में उनकी कथित भूमिका।
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