सबसे पहले, दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि राजपाल यादव ने बार-बार किए वादों का पालन नहीं किया, इसलिए उन्हें जेल जाना पड़ा। अदालत ने याद दिलाया कि अभिनेता ने कई मौकों पर भुगतान करने का आश्वासन दिया था, लेकिन फिर भी वे रकम चुकाने में असफल रहे। इसी वजह से अदालत ने उनके आचरण पर नाराज़गी जताई। इसके अलावा, यह मामला सिर्फ एक कानूनी विवाद नहीं बल्कि फिल्म इंडस्ट्री में वित्तीय जिम्मेदारी पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है, क्योंकि अदालत ने साफ संकेत दिया कि सार्वजनिक हस्तियों को भी कानून के प्रति उतनी ही जवाबदेही निभानी होती है जितनी आम नागरिकों को, और ऐसे मामलों में बार-बार आश्वासन देकर मुकरना न्यायिक प्रक्रिया को कमजोर करता है, इसलिए अदालत का सख्त रुख भविष्य के लिए एक चेतावनी माना जा रहा है।
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बार-बार बदला रुख, कोर्ट ने जताई नाराजगी
इसके अलावा, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने बताया कि पहले यादव और उनके वकील ने भुगतान करने की बात कही थी, जबकि अब वे रकम अदालत में जमा कराने की बात कर रहे हैं। इस पर कोर्ट ने वकीलों से स्पष्ट रुख तय करने को कहा और सुनवाई दोपहर तक टाल दी। दरअसल, अदालत इस असंगत रुख से संतुष्ट नहीं दिखी। उधर, अभिनेता ने 5 फरवरी 2026 को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण किया था, क्योंकि कोर्ट ने उनकी अंतिम समय की याचिका खारिज कर दी थी। परिणामस्वरूप, चेक बाउंस और लोन डिफॉल्ट के लंबे मामले में अदालत ने उन्हें छह महीने की सजा सुनाई। यह मामला 2010 से चल रहा है और कथित तौर पर करीब 9 करोड़ रुपये के बकाये से जुड़ा है।
राजपाल यादव से जुड़ा पुराना मामला और सजा का कारण
वहीं दूसरी ओर, म्यूजिक प्रमोटर इंद्रजीत सिंह ने कर्ज चुकाने के लिए 1.11 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। साथ ही, सोनू सूद और अनीस बज्मी समेत कई फिल्मी हस्तियों ने भी सहायता का भरोसा दिलाया है। इसी बीच, परिवार को उम्मीद है कि भतीजी की शादी से पहले उन्हें राहत मिल सकती है, हालांकि फैसला अभी अदालत पर निर्भर है। अब ध्यान देने वाली बात यह है कि मामला केवल कानूनी नहीं, बल्कि सार्वजनिक चर्चा का विषय भी बन चुका है। इसलिए लोग जानना चाहते हैं कि अदालत अगली सुनवाई में क्या रुख अपनाएगी और क्या अभिनेता को कोई राहत मिलेगी। अंततः यह विवाद फिल्म जगत और कानूनी हलकों दोनों में सुर्खियां बटोर रहा है, क्योंकि एक लोकप्रिय कलाकार का अदालत की सख्ती झेलना असामान्य माना जा रहा है। फिलहाल, सभी की नजर अगले फैसले पर टिकी है, जो इस बहुचर्चित मामले की दिशा तय करेगा।
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