प्रयागराज पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए नकली नोट छापने और चलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गंगानगर जोन की सराय इनायत थाना पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस सेल के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई की और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम ने छापेमारी के दौरान एक लाख रुपये से अधिक मूल्य के नकली नोट और उन्हें बनाने का सामान भी बरामद किया। सभी आरोपी देवरिया में किराए के कमरे में नोट छापते थे और फिर उन्हें बाजार में खपाने निकलते थे।
पुलिस ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से प्रयागराज और आसपास के जिलों में नकली भारतीय नोटों की सप्लाई करता आ रहा था। सराय इनायत पुलिस और विशेष टीमों ने लगातार निगरानी रखकर गिरोह की गतिविधियों का पता लगाया और फिर रणनीति बनाकर कार्रवाई की। पुलिस की इस योजनाबद्ध कार्रवाई के बाद आरोपी पकड़ में आए, लेकिन गैंग का सरगना मौके से फरार हो गया। पुलिस का कहना है कि उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
छापेमारी में पकड़े गए आरोपी राहुल यादव, विवेक कुमार यादव, नरेंद्र यादव और धर्मेंद्र कुमार बताए जा रहे हैं। इनमें से राहुल और विवेक भदोही जिले के निवासी हैं, जबकि नरेंद्र और धर्मेंद्र देवरिया जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ पहले से दर्ज मामलों की भी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि विवेक और धर्मेंद्र के खिलाफ दो-दो आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जो इनके आपराधिक इतिहास को साबित करते हैं।
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देवरिया में चल रहा था नकली नोटों का छापाखाना
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी देवरिया के एक मकान में नकली नोट छापने की व्यवस्था बनाए हुए थे। यह मकान उनका अस्थायी ठिकाना था, जहां वे मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से 500 और 100 रुपये के नोट तैयार करते थे। पुलिस ने इस कार्रवाई में उनके कब्जे से 500 रुपये के 200 और 100 रुपये के 183 नकली नोट बरामद किए। इसके साथ ही नोट बनाने के उपकरण, एक बाइक और एक कार भी जब्त की गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह बाजार में नकली नोट चलाने के लिए अक्सर प्रयागराज आता था और कई जिलों में उनकी सप्लाई चैन सक्रिय थी। नोटों की गुणवत्ता ऐसी थी कि पहली नजर में असली और नकली का फर्क समझ पाना मुश्किल था। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है और सप्लाई चैन को पूरी तरह खत्म करने के लिए आगे की कार्रवाई जारी है।
डीसीपी गंगानगर जोन कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि इस गिरोह को पकड़ने में शामिल पुलिस टीम ने लंबे समय तक मेहनत की और खुफिया जानकारी इकट्ठा की। अधिकारियों ने कहा कि सरगना की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा और भी स्पष्ट हो जाएगा। इस सफल अभियान के लिए पुलिस टीम को सम्मानित करने की तैयारी की जा रही है, क्योंकि उनकी कार्रवाई से जिले में नकली नोटों का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त हुआ है।
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