OnePlus के सीईओ पेट लाउ पर ताइवान ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। उन्हें अवैध तरीके से कारोबार चलाने और भर्ती प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाया गया है। यह मामला ताइवान और चीन के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है। ताइवान का आरोप है कि पेट लाउ की कंपनी वनप्लस ने चीन और ताइवान के बीच संबंधों के उल्लंघन करते हुए ताइवान में अवैध तरीके से ऑपरेशन चलाया। इस मामले में वनप्लस और ओप्पो के अधिकारियों ने फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। पेट लाउ के खिलाफ ताइवान की शिलिन डिस्ट्रिक्ट प्रॉसिक्यूटर्स ऑफिस ने जांच शुरू की है। इस मामले से वनप्लस के संचालन और ताइवान में उनकी भविष्य की गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है।
Also Read: महापालिका चुनाव में वोटर आईडी नहीं तो इन 12 दस्तावेजों से करें
OnePlus के सीईओ पेट लाउ की गिरफ्तारी का खतरा
ताइवान के अभियोजकों का कहना है कि वनप्लस ने 70 से अधिक कर्मचारियों को अवैध रूप से भर्ती किया है। ये कर्मचारी स्मार्टफोन सॉफ्टवेयर रिसर्च, डेवलपमेंट, टेस्टिंग और वेरिफिकेशन जैसे कार्यों के लिए ताइवान में काम कर रहे थे। ताइवान का कहना है कि यह चीनी कंपनी ने बिना अनुमति के ताइवान में ऑपरेशन शुरू किया, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा का उल्लंघन हुआ। ताइवान ने यह भी कहा कि चीन और ताइवान के बीच संबंधों को नियंत्रित करने वाले कानूनों का उल्लंघन किया गया। इस घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच पहले से चल रहे तनाव को और गहरा कर दिया है। वनप्लस के खिलाफ यह मामला ताइवान की तरफ से चीनी कंपनियों के खिलाफ उठाए गए कदमों का हिस्सा हो सकता है।
चीन और ताइवान के बीच हाल के वर्षों में तनाव बढ़ गया है। ताइवान लंबे समय से चीन की कंपनियों पर अपने स्थानीय टेक्निकल टैलेंट को अवैध तरीके से अपनी तरफ आकर्षित करने का आरोप लगाता आ रहा है। ताइवान ने कई चीनी कंपनियों पर शेल कंपनियों और विदेशी संस्थाओं के जरिए भर्ती करने का आरोप लगाया है। इस माहौल में वनप्लस के खिलाफ ताइवान की कार्रवाई को एक गंभीर कदम माना जा रहा है। ताइवान की सरकार ने 2021 में भी चीनी कंपनियों के खिलाफ कई जांचें शुरू की थीं। वनप्लस पर आरोप है कि उसने ताइवान के संवेदनशील क्षेत्र में बिना अनुमति के अपने ऑपरेशन शुरू किए, जिससे स्थानीय सुरक्षा को खतरा हो सकता था।
वनप्लस और ओप्पो पर सुरक्षा उल्लंघन के आरोप
पेट लाउ के पास ओप्पो में चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर का पद भी है। वनप्लस का मुख्यालय चीन के शेनझेन शहर में स्थित है और 2021 में यह ओप्पो का एक इंडिपेंडेंट सब-ब्रांड बन गया था। ताइवान के आरोपों के अनुसार, वनप्लस ने ताइवान में बिना सरकारी अनुमति के कर्मचारियों की भर्ती की और अवैध रूप से अपने ऑपरेशन चलाए। यह सुरक्षा उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है और ताइवान इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। चीनी कंपनियों के खिलाफ यह कदम ताइवान के हाल के दिनों में चीन के बढ़ते तकनीकी प्रभाव को रोकने के लिए बनाई गई रणनीति का हिस्सा हो सकता है। ताइवान ने इस मामले में वनप्लस और ओप्पो से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं प्राप्त की है।
वनप्लस और ओप्पो की दोनों कंपनियां फिलहाल इस मामले पर चुप हैं और उनका कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ताइवान के अधिकारियों द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के बाद पेट लाउ की स्थिति काफी कठिन हो गई है। ताइवान में बढ़ते चीनी प्रभाव को रोकने के लिए सरकार की यह कार्रवाई एक सख्त संदेश है। यह भी हो सकता है कि ताइवान और चीन के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव के कारण वनप्लस के खिलाफ यह कदम उठाया गया हो। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी विकास हो सकता है, और पेट लाउ को इस गिरफ्तारी वारंट का जवाब देना होगा। फिलहाल, ताइवान सरकार ने वनप्लस के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो आने वाले समय में महत्वपूर्ण मोड़ ले सकती है।
Also Read: महापालिका चुनाव में वोटर आईडी नहीं तो इन 12 दस्तावेजों से करें


More Stories
Govinda Gets Support From Somy Ali Amid Sunita Ahuja’s ‘Sugar Daddy’ Remark
लखीसराय अशोक धाम हादसा: 2 KM लंबी कतार, टूटे बैरिकेड और करंट की अफवाह के बीच मची भगदड़
उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर में बढ़ी भीड़, अफरा-तफरी के बीच 3 श्रद्धालु घायल