स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की हत्या से जुड़े नशीले पदार्थों संबंधी मामले में दाखिल अपने मसौदा आरोपों में दावा किया है कि अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती ने अपने भाई शोविक समेत सह आरोपियों से कई बार गांजा लिया था और उसे राजपूत को दिया गया था।
एनसीबी ने विशेष स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) अदालत में 35 आरोपियों के खिलाफ पिछले महीने मसौदा आरोप दाखिल किए थे, जिनका विवरण मंगलवार को उपलब्ध कराया गया।
मसौदा आरोपों के अनुसार
सभी आरोपियों ने एक दूसरे के साथ मिलकर या समूह में मार्च 2020 और दिसंबर 2020 के बीच आपराधिक षड्यंत्र रचा, ताकि वे ‘‘उच्च समाज और बॉलीवुड’’ में नशीले पदार्थों का वितरण, बिक्री और खरीद कर सकें।
एनसीबी ने कहा कि आरोपियों ने मुंबई महानगर क्षेत्र के भीतर नशीले पदार्थों की तस्करी को वित्तपोषित किया था और गांजा, चरस, कोकीन और अन्य नशीले एवं मन: प्रभावी पदार्थों का इस्तेमाल किया था।मसौदा आरोपों के अनुसार, इसलिए उनके खिलाफ धारा 27 और 27 ए (अवैध तस्करी को वित्तपोषित करना और अपराधियों को शरण देना) 28 (अपराध करने के प्रयासों के लिए सजा), 29 (जो कोई उकसाता है, या आपराधिक षड्यंत्र में शामिल है) समेत एनडीपीएस अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं।
इसमें कहा गया है, ‘‘आरोपी संख्या 10 रिया चक्रवर्ती ने आरोपियों सैमुअल मिरांडा, शोविक, दीपेश सावंत और अन्य से गांजा प्राप्त किया तथा उसे दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत को सौंपा।’’अभिनेत्री ने शोविक और दिवंगत अभिनेता के कहने पर मार्च 2020 और सितंबर 2020 के बीच इस खेप के लिए भुगतान किया।
मसौदा आरोपों के अनुसार, रिया का भाई शोविक नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के नियमित संपर्क में था और उसने गांजा एवं चरस के ऑर्डर देने के बाद सह-आरोपियों से इसे प्राप्त किया था। इन पदार्थों को राजपूत को दिया गया था। मसौदा आरोपों को दाखिल करने से आरोप तय करने की जमीन तैयार हो जाती है, जिसके बाद सुनवाई शुरू होती है। बहरहाल, आरोप तय करने से पहले अदालत को पहले आरोपियों की दोषमुक्ति याचिका पर फैसला करना होगा।
एनडीपीएस अधिनियम से संबंधित मामलों की सुनवाई करने वाले विशेष न्यायाधीश वी जी रघुवंशी ने मामले की सुनवाई के लिए 27 जुलाई की तारीख तय की है।
चक्रवर्ती को इस मामले में सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था और एक महीने बाद बंबई उच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत दे दी थी। एनसीबी ने 14 जून, 2020 का राजपूत की मौत के बाद फिल्म और टेलीविजन उद्योग में नशीली दवाओं के कथित उपयोग की जांच शुरू की।


More Stories
AISA Leader Neha Bora Attacked With Ink During Jharkhand Student Protest in Ranchi
Most of ₹2,192 Crore Tech Funding Goes to Companies Associated with Government Panel
क्या पंजाब में बीजेपी फिर अकाली दल से करेगी गठबंधन? सुखबीर बादल की PM मोदी से मुलाकात के संकेत