March 6, 2026

Central Times

Most Trusted News on the go

फौजा

114 साल के एथलीट फौजा सिंह की जान लेने वाला निकला NRI, जालंधर पुलिस ने 30 घंटे में सुलझाई गुत्थी

पंजाब के जालंधर में पुलिस ने 114 वर्षीय मशहूर धावक फौजा सिंह से जुड़े हिट एंड रन मामले को सिर्फ 30 घंटे में सुलझा लिया है. मंगलवार देर रात पुलिस ने 30 साल के एनआरआई अमृतपाल सिंह ढिल्लों को गिरफ्तार कर लिया और घटना में शामिल फॉर्च्यूनर (PB 20 C 7100) भी जब्त कर ली है.

Also Read : BSE को बम धमाके की धमकी, ईमेल में लिखा – ‘3 बजे होगा विस्फोट’

आरोपी अमृतपाल सिंह ढिल्लों गिरफ्तार, फॉर्च्यूनर गाड़ी की पहचान से सुलझा मामला

आरोपी अमृतपाल सिंह ढिल्लों को देर रात थाना भोगपुर लाया गया, जहां उससे गहन पूछताछ शुरू की गई. ढिल्लों  जालंधर के करतारपुर स्थित दासूपुर गांव का निवासी है. आज उसे कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेगी. एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क द्वारा बनाई गई टीम ने कुछ गाड़ियां लिस्ट आउट की थी. इनमें से एक फॉर्च्यूनर गाड़ी की पहचान मंगलवार देर शाम तक कर ली गई थी. मंगलवार देर शाम तक पुलिस को संदिग्ध फॉर्च्यूनर का नंबर स्पष्ट हो गया. नंबर से पता चला कि उक्त गाड़ी कपूरथला के अठौली गांव के रहने वाले वरिंदर सिंह पुत्र बलवीर सिंह के नाम पर पंजीकृत थी.

Also Read : Anupam Kher: ‘अपनी बहन के सिंदूर को मिटता देख सकूं, मैं इतना महान नहीं’, दिलजीत दोसांज विवाद पर बोले अनुपम

हिट एंड रन केस में आरोपी अमृतपाल सिंह ने किया जुर्म कबूल, फौजा सिंह को पहचान नहीं पाया

इसके बाद जालंधर पुलिस की टीमें कपूरथला रवाना हुईं और वरिंदर सिंह तक पहुंचीं. वरिंदर सिंह से पूछताछ में पता चला कि कनाडा से आए एक एनआरआई, अमृतपाल सिंह ढिल्लों ने उनकी कार खरीदी थी. पुलिस को यह भी पता चला कि अमृतपाल के पिता का निधन हो चुका है, उसकी तीन बहनें हैं और उसकी मां कनाडा में रहती हैं. अमृतपाल खुद भी घटना से मात्र आठ दिन पहले ही कनाडा से लौटा था. प्राथमिक पूछताछ में अमृतपाल सिंह ढिल्लों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. उसने पुलिस को बताया कि वह मुकेरिया साइड से अपना फोन बेचकर लौट रहा था. जब वह ब्यास पिंड के पास पहुंचा, तो एक बुजुर्ग व्यक्ति उसकी गाड़ी की चपेट में आ गया. अमृतपाल ने बताया कि उसे यह नहीं पता था कि जिस बुजुर्ग को उसने टक्कर मारी है, वे प्रसिद्ध धावक फौजा सिंह हैं.

Also Read : क्या इंग्लैंड Lords में भारत की जीत को रोक पाएगा? 200 से कम लक्ष्य इतने बार हो चुका है डिफेंड