नोएडा में मजदूर आंदोलन के दौरान हुई हिंसा को लेकर अब जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं, जिससे संकेत मिलता है कि यह घटना अचानक नहीं बल्कि पहले से सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी।
हाल ही में सामने आई जांच रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन की आड़ में माहौल बिगाड़ने की पूरी रणनीति कई महीनों पहले तैयार की गई थी। अधिकारियों ने पाया कि अलग-अलग संगठनों के जरिए लोगों को जोड़कर एक संगठित नेटवर्क बनाया गया, जिसका मकसद सिर्फ मजदूरों के मुद्दे उठाना नहीं बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को बाधित करना भी था।
इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी आदित्य आनंद को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया है, जो पिछले कुछ समय से नोएडा में रहकर गतिविधियों को संचालित कर रहा था। जांच में पता चला कि उसने किराए के फ्लैट को साजिश का केंद्र बनाया था, जहां से योजनाएं तैयार की गईं और उन्हें लागू करने की रणनीति बनाई गई।
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नोएडा हिंसा की साजिश का खुलासा
जांच एजेंसियों को छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं, जिनमें पूरी योजना का विस्तृत “ब्लूप्रिंट” दर्ज है। इन दस्तावेजों में यह स्पष्ट रूप से बताया गया था कि कब, कहां और कैसे लोगों को इकट्ठा करना है, और किस तरह आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना है।
इसके अलावा, यह भी सामने आया कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर भीड़ को संगठित करने की योजना बनाई गई थी। दस्तावेजों में यह तक लिखा था कि कब व्हाट्सऐप ग्रुप बनाए जाएंगे, कौन उन्हें चलाएगा और कब उन्हें बंद करना है, जिससे यह पूरी कार्रवाई सुनियोजित लगती है।
संगठनों की भूमिका और लंबी योजना
जांच में कुछ संगठनों के नाम भी सामने आए हैं, जिनमें RWPI, मजदूर बिगुल दस्ता, नौजवान भारत सभा और दिशा ऑर्गनाइजेशन शामिल हैं। एजेंसियों के अनुसार, ये सभी समूह एक साझा एजेंडे के तहत काम कर रहे थे और 2022 से ही इस दिशा में तैयारी कर रहे थे।
इसके साथ ही, योजना के तहत मानेसर, करावल नगर और नोएडा को जोड़ते हुए एक बड़े स्तर पर प्रदर्शन की श्रृंखला तैयार की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च और अप्रैल के दौरान इस साजिश को अंतिम रूप दिया गया, जबकि इसे मई 2026 तक जारी रखने की योजना बनाई गई थी ताकि इसका प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ाया जा सके।
जांच से यह भी संकेत मिलता है कि आंदोलन का उद्देश्य सिर्फ विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि सड़कों को जाम कर सरकारी कामकाज को प्रभावित करना भी शामिल था। अब एजेंसियां इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।
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