May 11, 2026

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नासिक TCS केस: 171 लिंक AIMIM मदद और कोर्ट में बड़े खुलासे

नासिक में चर्चित TCS मामले ने एक बार फिर बड़ा मोड़ ले लिया है। आरोपी निदा खान की पुलिस कस्टडी समाप्त होने के बाद आज उसे अदालत में पेश किया जाएगा। जांच एजेंसियां अब इस केस में डिजिटल सबूत, धार्मिक लिंक और आर्थिक मदद के नेटवर्क पर गहराई से काम कर रही हैं। नासिक पुलिस का दावा है कि जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जो मामले को और गंभीर बना सकते हैं।

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नासिक केस में धार्मिक प्रभाव और ब्रेनवॉश की जांच

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी निदा खान ने पीड़ित युवती को धार्मिक रूप से प्रभावित करने के लिए सुनियोजित तरीके से प्रयास किए। जांच अधिकारियों के अनुसार, वह पीड़िता के घर जाकर धार्मिक गतिविधियां करती थी और लगातार उसके विचार बदलने की कोशिश करती थी।

आरोप है कि उसने पीड़िता को अपने धर्म से जुड़ी बातें सिखाईं, विशेष प्रार्थनाएं करवाईं और धार्मिक पोशाक पहनने के लिए भी दबाव बनाया। इतना ही नहीं, पुलिस को पता चला कि उसने पीड़िता को 171 धार्मिक लिंक और वीडियो भेजे थे। इन माध्यमों से लगातार उसकी सोच और विश्वास को बदलने का प्रयास किया गया।

एसआईटी का मानना है कि यह पूरी प्रक्रिया केवल व्यक्तिगत संपर्क तक सीमित नहीं थी, बल्कि डिजिटल माध्यमों से भी प्रभाव डालने की कोशिश की गई। जांच टीम इन सभी वीडियो, मैसेज और ऑनलाइन रिकॉर्ड्स की विस्तार से जांच कर रही है।

नासिक जांच में मोबाइल और फंडिंग से खुल सकते हैं बड़े राज

पुलिस कस्टडी के दौरान जांच टीम निदा खान को उसके घर और TCS कंपनी भी लेकर गई, जहां घटना से जुड़े सबूत इकट्ठा किए गए। स्पॉट पंचनामा के साथ कई तकनीकी साक्ष्य भी दर्ज किए गए।

निदा खान का मोबाइल फोन अब फोरेंसिक लैब भेजा गया है ताकि डिलीट किए गए मैसेज, वीडियो और कॉन्टैक्ट नंबर दोबारा प्राप्त किए जा सकें। पुलिस को उम्मीद है कि इससे कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

इसके अलावा, जांच एजेंसियां उसके पिछले एक महीने की लोकेशन हिस्ट्री, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और यात्रा से जुड़े दस्तावेज भी खंगाल रही हैं। पुलिस उन लोगों की भी तलाश कर रही है जिन्होंने फरारी के दौरान उसकी मदद की।

वित्तीय जांच के तहत एसआईटी ने उसका बैंक पासबुक भी जब्त कर लिया है। अधिकारियों को शक है कि उसे किसी खास समूह से आर्थिक सहायता मिल रही थी। कुछ सूत्रों के अनुसार AIMIM पार्षद मतीन मजिद पटेल के नाम पर भी संदेह जताया गया है।

अब अदालत में पेशी के दौरान पुलिस इन सभी नए तथ्यों को सामने रख सकती है। नासिक का यह मामला आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे कर सकता है।

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