June 30, 2026

Central Times

Most Trusted News on the go

FDA

FDA अधिकारी बनकर होटल संचालक को धमकाने वाले महिला-पुरुष पर पुलिस का शिकंजा

मुंबई के बोरीवली इलाके में एक महिला और एक पुरुष ने खुद को फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) का अधिकारी बताकर एक होटल में कथित तौर पर वसूली करने की कोशिश की। दोनों ने होटल प्रबंधन को जांच और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर दबाव बनाया। मामले की शिकायत मिलने के बाद बोरीवली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। जांच में आरोपियों की पहचान विजय बबन जाधव (42) और स्वाति विक्रांत तुलसंकर (30) के रूप में हुई। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।

Also Read : सप्ताह की शुरुआत गिरावट के साथ, सेंसेक्स 370 अंक लुढ़का, निफ्टी 24,000 से नीचे बंद

फर्जी FDA अधिकारी बनकर होटल पहुंचे

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी एक नकली सरकारी पहचान के साथ होटल पहुंचे और खुद को सरकारी अधिकारी बताया। उन्होंने “भारत सरकार” अंकित नकली सरकारी प्रतीक वाली गाड़ी का भी इस्तेमाल किया, जिससे होटल कर्मचारियों को उन पर भरोसा हो जाए। इसके बाद दोनों ने होटल में जांच करने और कार्रवाई करने की बात कहकर कर्मचारियों पर दबाव बनाया। आरोप है कि उन्होंने इस डर का फायदा उठाकर होटल प्रबंधन से पैसे ऐंठने की कोशिश की। होटल प्रशासन ने मामले की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद जांच शुरू हुई।

शिकायत के आधार पर बोरीवली पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने दोनों को नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने के निर्देश दिए हैं। अधिकारी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि आरोपियों ने पहले भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया था या नहीं। पुलिस नकली पहचान और इस्तेमाल किए गए वाहन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

Also Read : ACB की छापेमारी में तहसीलदार की संपत्ति का खुलासा, करोड़ों के गहने और नकदी जब्त

पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई

इसी बीच मुंबई पुलिस एक अन्य चर्चित मामले की भी जांच तेज़ी से कर रही है। मोहर्रम के जुलूस में लोगों को जहरीली गोली देने के मामले में गिरफ्तार आरोपी फैयाज प्रेमजी से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच में पता चला कि उसने इंदौर के एक सप्लायर से ऑनलाइन 40 किलोग्राम से अधिक जिंक फॉस्फाइड मंगवाया था। इसके अलावा उसने दूसरे सप्लायर से बड़ी संख्या में खाली कैप्सूल भी खरीदे थे। पुलिस इस खरीदारी से जुड़े सभी दस्तावेजों और लेनदेन की जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार, फैयाज प्रेमजी ने जिंक फॉस्फाइड खरीदने पर लगभग 15 हजार रुपये और खाली कैप्सूल खरीदने पर करीब 30 हजार रुपये खर्च किए थे। जांच एजेंसियां अब भुगतान और डिलीवरी से जुड़े रिकॉर्ड की मदद से पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी हैं। फिलहाल जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि सप्लायरों को आरोपी के इरादों की जानकारी थी। पुलिस सभी पहलुओं की जांच करने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी और मामले से जुड़े हर तथ्य को सामने लाने का प्रयास करेगी।

Also Read : सप्ताह की शुरुआत गिरावट के साथ, सेंसेक्स 370 अंक लुढ़का, निफ्टी 24,000 से नीचे बंद