कर्नाटक के मैसुरु में एक रहस्यमयी और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन दोनों को झकझोर कर रख दिया है। टी. नरसीपुर सोशल फॉरेस्ट्री रेंज के रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर (RFO) कान्तराज चौहान का शव एक निजी लॉज के पीछे कंजरवेंसी क्षेत्र में बरामद हुआ। मृतक की उम्र 32 वर्ष थी और वे मूल रूप से विजयपुरा जिले के इंडी के रहने वाले थे। पुलिस के अनुसार, कान्तराज चौहान को महज 15 दिन पहले ही टी. नरसीपुर में ट्रांसफर किया गया था, और उनकी अचानक और रहस्यमयी मौत ने वन विभाग में हड़कंप मचा दिया है।
पुलिस ने बताया कि शव केएसआरटीसी बस स्टैंड के पास मदर टेरेसा रोड (बीएन रोड) स्थित एक निजी लॉज के पीछे कंजरवेंसी में पाया गया। सूचना मिलते ही मैसूर शहर की लश्कर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में शव की स्थिति और आसपास की परिस्थितियों से यह स्पष्ट नहीं हो रहा कि यह दुर्घटना थी या हत्या।
घटना का विवरण: शव कंजरवेंसी क्षेत्र में बरामद, पुलिस ने शुरू की जांच,मैसुरु
घटना में एक और रहस्यमयी पहलू सामने आया है। चौहान के साथ रहने वाला उनका दोस्त मल्लनागौड़ा पाटिल, जो गंगावती का निवासी है, घटना के बाद से लापता है। पुलिस के अनुसार, मल्लनागौड़ा ने लॉज में कमरा किराए पर लिया था और कान्तराज चौहान रविवार रात उनसे मिलने लॉज पहुंचे थे। पुलिस अब उनके ठिकाने और भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस ने यह भी बताया कि दोनों युवक कथित तौर पर नशे की हालत में थे और लॉज के कमरे में काफी गंदगी फैला दी थी। इस कारण लॉज स्टाफ ने रात करीब 2:30 बजे उन्हें कमरा खाली करने को कहा। इसके कुछ समय बाद ही कान्तराज चौहान का शव लॉज के पीछे कंजरवेंसी क्षेत्र में बरामद हुआ। जब शव मिला, तब मल्लनागौड़ा पाटिल मौके पर मौजूद नहीं था। इस वजह से पुलिस को इस मामले में संदिग्ध परिस्थितियों का अंदेशा हो रहा है।
लश्कर पुलिस ने कान्तराज चौहान की मौत को अप्राकृतिक मौत (UDR) करार देते हुए मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वे लॉज के CCTV फुटेज, गवाहों के बयानों और आसपास के क्षेत्र के रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं। इसके अलावा, कान्तराज के फोन कॉल्स, मैसेज और उनके हाल के संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।
शव बरामद: निजी लॉज के पीछे कंजरवेंसी क्षेत्र में मिला रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर का शव
इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों में चिंता पैदा कर दी है, बल्कि वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में भी सुरक्षा को लेकर डर बढ़ा दिया है। कान्तराज चौहान की अचानक और रहस्यमयी मौत ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या यह केवल एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था या इसके पीछे किसी की योजनाबद्ध भूमिका है। पुलिस ने कहा है कि हर पहलू की जांच की जा रही है और जल्द ही मामले में सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
इस बीच, कान्तराज चौहान के परिवार और सहयोगी सदमे में हैं। वन विभाग ने घटना की गहनता को देखते हुए उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया है और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाने की घोषणा की है। यह मामला अभी भी जांचाधीन है और पुलिस पूरे रहस्य को सुलझाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
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