मणिपुर में जारी हिंसा और अशांति के बीच सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। इम्फाल वेस्ट जिले के लामदेंग इलाके में संयुक्त सुरक्षा बलों ने एक बड़े और सुनियोजित अभियान के दौरान भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार, विस्फोटक और युद्ध जैसे उपकरण बरामद किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यह ऑपरेशन बुधवार को उस समय शुरू किया गया जब सुरक्षा एजेंसियों को क्षेत्र में लूटे गए हथियारों और गोला-बारूद की अवैध बिक्री की विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली। इसके बाद मणिपुर पुलिस, असम राइफल्स और CRPF ने संयुक्त रूप से इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कार्रवाई के दौरान मणिपुर पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन UNLF(P) के दो सक्रिय सदस्यों — हेशनाम थॉमस सिंह (29) और अरामबाम टॉमटॉम सिंह (29) — को गिरफ्तार किया।
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ऑपरेशन में AK राइफल और RPG लॉन्चर बरामद
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। उनके कब्जे से एक INSAS लाइट मशीन गन (LMG), तीन मैगजीन और 14 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। हालांकि गिरफ्तारी के दौरान हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए, जब आरोपियों के कुछ सहयोगियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाला और कुछ देर तक दोनों ओर से गोलीबारी हुई। बाद में इस घटना में कथित रूप से शामिल निंगथौजाम राकेश सिंह और चिंगाखाम महेश सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने बताया कि वे UNLF(P) के स्वयंभू लांस कॉर्पोरल नाओरेम बिजॉय उर्फ माचा के निर्देश पर हथियार बेचने आए थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि यह गिरोह पहले भी लूटे गए हथियारों,गोला-बारूद की अवैध सप्लाई से जुड़े मामलों में शामिल रह चुका है।
इस अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने कुल 29 हथियार बरामद किए, जिनमें 16 AK-सीरीज राइफल, M21 राइफल, M16 राइफल, पिस्टल और एक M4 राइफल शामिल है। इसके अलावा गुरुवार को चलाए गए दूसरे बड़े सर्च ऑपरेशन में 38 अतिरिक्त हथियार और भारी युद्धक सामग्री जब्त की गई। बरामद सामान में स्नाइपर राइफल, कार्बाइन, पंप-एक्शन गन, मोर्टार, RPG-7 लॉन्चर, विस्फोटक सामग्री, एंटी-ड्रोन जैमर उपकरण और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने इस बरामदगी को हाल के महीनों की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक बताया है, जिसने राज्य में सक्रिय अवैध हथियार नेटवर्क को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने लामदेंग इलाके में स्थित कथित अवैध UNLF(P) कैंप पर बड़ा फॉलो-अप ऑपरेशन चलाया।
मणिपुर में सुरक्षा और जांच एजेंसियां अलर्ट
सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि राज्य में लूटे गए हथियार किन-किन समूहों तक पहुंचाए जा रहे थे। अधिकारियों का मानना है कि इस अवैध नेटवर्क के तार राज्य के अन्य उग्रवादी संगठनों और हथियार तस्करी गिरोहों से भी जुड़े हो सकते हैं। यही वजह है कि गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और कई अन्य संदिग्धों की तलाश में भी छापेमारी जारी है।
वहीं प्रशासन ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास अवैध हथियारों, गोला-बारूद या संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी कोई भी जानकारी हो तो तुरंत पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को सूचित करें। प्रशासन का कहना है कि जनता के सहयोग के बिना राज्य में स्थायी शांति और कानून व्यवस्था बहाल करना संभव नहीं होगा। साथ ही सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया कि राज्य में हिंसा और अवैध हथियारों के नेटवर्क के खिलाफ आगे भी इसी तरह के सख्त अभियान लगातार जारी रहेंगे।
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