उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र स्थित तेजस हॉस्पिटल में 12वीं की छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म का मामला सामने आने से सनसनी फैल गई। पीड़िता इलाज के लिए अस्पताल गई थी, जहां उसी अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर पर रेप का आरोप लगा है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और आरोपी डॉक्टर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। इस घटना ने पूरे इलाके में गुस्सा और चिंता पैदा कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। अस्पताल में इलाज के दौरान भरोसे का फायदा उठाकर की गई इस वारदात ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस अब मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
Also Read: कॉकरोच जनता पार्टी: कौन हैं अभिजीत दीपके
लखनऊ अस्पताल में छात्रा से दुष्कर्म, आरोपी डॉक्टर हिरासत में
घटना सामने आने के बाद छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद पुलिस ने उसे मेडिकल जांच के लिए भेजा। परिवार के लोग गहरे सदमे में हैं और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पीड़िता के परिजनों का कहना है कि छात्रा इलाज के लिए अस्पताल पर भरोसा करके गई थी, लेकिन वहां उसके साथ दरिंदगी हुई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया और स्थानीय लोगों में भी भारी नाराजगी देखने को मिली। पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की और आरोपी डॉक्टर को हिरासत में लिया। एसीपी आकाश पांडे आरोपी को अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दिए। मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अब आगे की जांच को मजबूत करने में जुटी हुई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 21 मई 2026 को बीकेटी थाना क्षेत्र में सूचना मिली कि तेजस हॉस्पिटल में भर्ती एक युवती के साथ अस्पताल के डॉक्टर ने दुष्कर्म किया है। शिकायत मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में आरोप गंभीर पाए जाने के बाद आरोपी डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों को जुटाया जा रहा है। इस मामले ने अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था और मरीजों के भरोसे को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इलाज जैसी संवेदनशील प्रक्रिया के दौरान हुई इस वारदात ने लोगों को स्तब्ध कर दिया है। प्रशासन फिलहाल अस्पताल और आसपास के इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने पर भी ध्यान दे रहा है।
Also Read: NEET UG 2026 रिफंड प्रक्रिया आज से शुरू, NTA ने बताए नियम
परिवार ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई मांगी
पीड़िता के परिवार का आरोप है कि डॉक्टर ने छात्रा की मजबूरी और भरोसे का गलत फायदा उठाया। परिवार ने कहा कि अस्पताल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर ऐसी घटना बेहद शर्मनाक और डराने वाली है। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और आरोपी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे। परिवार के सदस्यों ने प्रशासन से न्याय की अपील की है और कहा कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में भी आक्रोश बढ़ गया है। कई लोगों ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अस्पताल की जिम्मेदारी होती है, लेकिन यहां गंभीर लापरवाही सामने आई है। पुलिस अब अस्पताल स्टाफ से भी पूछताछ कर रही है।
घटना सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने मामले को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने तुरंत स्वास्थ्य विभाग को तेजस हॉस्पिटल सील करने के निर्देश जारी किए। सरकार की इस त्वरित कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल की जांच कर रही है और वहां की व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है। डिप्टी सीएम ने कहा कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा। इस घटना ने प्रदेश में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन मिलकर पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।


More Stories
Supreme Court Allows Green Firecrackers in Delhi-NCR on November 7-8, Full Ban Returns From November 9
जज बनकर न्यायिक अधिकारी को धमकाने वाले सुकेश चंद्रशेखर को सुप्रीम कोर्ट से झटका, सजा पर रोक लगाने की याचिका खारिज
SC disposes of Ram Temple embezzlement petitions after Uttar Pradesh says charge sheet filed