बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव को जमीन के बदले नौकरी मामले में बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को तीनों को जमानत दे दी। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत ने आरोपियों को एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी। अदालत ने यह भी कहा कि जांच के दौरान तीनों आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया था, जिसे ध्यान में रखते हुए जमानत मंजूर की गई है।
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यह मामला जमीन के बदले रेलवे में नौकरी देने से जुड़ा है, जिसमें लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर आरोप है कि उन्होंने अपने रेल मंत्री कार्यकाल के दौरान कुछ लोगों को नौकरी देने के बदले उनकी जमीनें हासिल की थीं। इस मामले में सीबीआई द्वारा चार्जशीट दाखिल की गई थी और कई अहम सबूत पेश किए गए थे।
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25 अक्तूबर को होगी अगली सुनवाई, आरोप तय करने की संभावना
सोमवार की सुनवाई में अदालत ने सभी आरोपियों को राहत देते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 अक्तूबर की तारीख तय की है। इस सुनवाई में आरोप तय किए जाने की संभावना है। लालू यादव और उनके बेटों के वकील ने दलील दी थी कि जांच के दौरान उनके मुवक्किलों को गिरफ्तार नहीं किया गया था और वे पूरी जांच में सहयोग करते रहे हैं, इसलिए जमानत दी जानी चाहिए।
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इस मामले में जमानत मिलने के बाद लालू परिवार को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन मामले की सुनवाई अभी जारी रहेगी। अब सबकी नजरें 25 अक्तूबर को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी होंगी।
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