बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव को जमीन के बदले नौकरी मामले में बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को तीनों को जमानत दे दी। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत ने आरोपियों को एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी। अदालत ने यह भी कहा कि जांच के दौरान तीनों आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया था, जिसे ध्यान में रखते हुए जमानत मंजूर की गई है।
Also Read:हरियाणा में सुबह 9 बजे तक 9.53 फीसदी मतदान, मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें
यह मामला जमीन के बदले रेलवे में नौकरी देने से जुड़ा है, जिसमें लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर आरोप है कि उन्होंने अपने रेल मंत्री कार्यकाल के दौरान कुछ लोगों को नौकरी देने के बदले उनकी जमीनें हासिल की थीं। इस मामले में सीबीआई द्वारा चार्जशीट दाखिल की गई थी और कई अहम सबूत पेश किए गए थे।
Also Read:कोलकाता: डॉक्टर्स ने बंगाल सरकार को दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम, आमरण अनशन शुरू करने दी चेतावनी
25 अक्तूबर को होगी अगली सुनवाई, आरोप तय करने की संभावना
सोमवार की सुनवाई में अदालत ने सभी आरोपियों को राहत देते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 अक्तूबर की तारीख तय की है। इस सुनवाई में आरोप तय किए जाने की संभावना है। लालू यादव और उनके बेटों के वकील ने दलील दी थी कि जांच के दौरान उनके मुवक्किलों को गिरफ्तार नहीं किया गया था और वे पूरी जांच में सहयोग करते रहे हैं, इसलिए जमानत दी जानी चाहिए।
Also Read:मराठी, बंगाली समेत 5 भाषाओं को मिला शास्त्रीय भाषा दर्जा
इस मामले में जमानत मिलने के बाद लालू परिवार को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन मामले की सुनवाई अभी जारी रहेगी। अब सबकी नजरें 25 अक्तूबर को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी होंगी।
Also Read:ईरान: तेहरान की मस्जिद से सुप्रीम लीडर खामनेई का ऐतिहासिक संबोधन


More Stories
क्या AI से जैविक हथियार बनने का खतरा बढ़ गया है? एंथ्रोपिक ने बताया कि इसके खतरनाक इस्तेमाल को कैसे रोका जा सकता है
Delhi’s Chandni Chowk Seals 54 Jewellery Shops Over Unauthorised Basement Use
Ahead of the 2026 BRICS Summit, PM Modi highlighted the need for impactful dialogues centered on global well-being.