दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ITBP भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कोलकाता से एक निजी परीक्षा एजेंसी के तीन डायरेक्टर और दिल्ली से एक कंसल्टेंट व एक प्रिंटर को गिरफ्तार किया है। जनवरी 2021 में आयोजित हुई इस परीक्षा में 46,000 से ज्यादा उम्मीदवार शामिल हुए थे। परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले ही इसका पेपर व्हाट्सऐप पर वायरल हो गया था। वायरल प्रश्नपत्र और असली पेपर एक जैसे निकले, जिससे पेपर लीक की पुष्टि हुई और केस दर्ज हुआ।
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परीक्षा से पहले ही व्हाट्सऐप पर पहुंचा पेपर, पुलिस ने पांच आरोपी किए गिरफ्तार
पुलिस जांच में सामने आया कि परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी कोलकाता की एक एजेंसी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइकोमेट्री (IIP) को दी गई थी। इसी एजेंसी पर पेपर सेट करने, उसकी छपाई और सुरक्षा की जिम्मेदारी थी। जांच में पाया गया कि एजेंसी के तीन डायरेक्टर्स – अमितव रॉय, शुभेंदु कुमार पॉल और जयदीप गोस्वामी – इस लीक के पीछे थे। तीनों ने पहले जांच में सहयोग नहीं किया और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन 19 सितंबर को कोलकाता में छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में तीनों डायरेक्टर्स ने दो और लोगों की संलिप्तता का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली के कंसल्टेंट रोहित राज और प्रिंटर धर्मेंद्र ने पेपर लीक में मदद की थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को दिल्ली से गिरफ्तार किया। प्रिंटर ने पेपर छपने के बाद उसकी कॉपी को सुरक्षित नहीं रखा, जबकि कंसल्टेंट ने पेपर को आगे वायरल करने में भूमिका निभाई। इन गिरफ्तारियों के साथ पेपर लीक के पूरे नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं।
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ITBP कोलकाता की एजेंसी पर साजिश का आरोप, रैकेट से जुड़ी जांच अभी जारी
क्राइम ब्रांच ने कहा कि यह एक सुनियोजित साजिश थी, जिसे एजेंसी के अंदर से अंजाम दिया गया। पेपर को परीक्षा से पहले ही चुनिंदा लोगों तक पहुंचाया गया, जिससे चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए। पुलिस ने टेक्निकल जांच, कॉल डिटेल और डिजिटल चैट्स के आधार पर यह साबित किया कि पेपर परीक्षा से ठीक एक घंटे पहले व्हाट्सऐप पर शेयर किया गया था। इससे न केवल अभ्यर्थियों का भविष्य खतरे में पड़ा, बल्कि सरकारी भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता भी प्रभावित हुई।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। दिल्ली पुलिस अन्य राज्यों से भी संपर्क कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ हो सके। ITBP ने भी आंतरिक जांच में पेपर लीक की पुष्टि करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। क्राइम ब्रांच का कहना है कि सबूतों के आधार पर और गिरफ्तारियां संभव हैं। यह मामला देशभर में सरकारी परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।


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