October 13, 2026

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6 महीने

‘सपने में बुलाते हैं भाई’, 6 महीने में 3 भाइयों की मौत से दहशत, शाम 7 बजे बंद हो जाते हैं घर के दरवाजे

कानपुर के वाजिदपुर में एक ही परिवार के तीन सगे भाइयों की 6 महीने के भीतर आत्महत्या से मौत हो गई। इन घटनाओं ने परिवार के साथ-साथ पूरे इलाके को झकझोर दिया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दो भाइयों ने मौत से पहले सपने में अपने मृत भाइयों के बुलाने की बात कही थी। इस घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, तीनों भाइयों की आत्महत्या के पीछे की असली वजह अब तक स्पष्ट नहीं हुई है।

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सपने में भाइयों के बुलाने की बात से बढ़ी चिंता

परिजनों के मुताबिक, सबसे बड़े भाई विकास निषाद की मौत 10 जुलाई को हुई थी। बताया जाता है कि विकास ने घर की दूसरी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। इससे पहले उसके दोनों छोटे भाइयों की भी आत्महत्या से मौत हो चुकी थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास अक्सर अपने मृत भाइयों के सपने में आने और उन्हें अपने पास बुलाने की बात करता था। उसकी इन बातों से परिवार और पड़ोसी चिंतित रहते थे।

परिवार में सबसे पहले छोटे बेटे गोविंद की मौत हुई थी, जिसने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। इसके बाद दूसरे बेटे अमन ने घर की पहली मंजिल से कूदकर जान दे दी। स्थानीय लोगों के अनुसार, गोविंद भी सपने में कुछ दिखाई देने की बात करता था। गोविंद की मौत के बाद अमन ने कथित तौर पर परिवार से कहा था कि उसका भाई उसे अपने पास बुला रहा है। कुछ समय बाद अमन की भी मौत हो गई, जिसके बाद विकास की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

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झाड़-फूंक से लेकर इलाज तक, परिवार ने किए प्रयास

तीनों भाइयों की मौत से पहले परिवार ने उनकी परेशानियों को दूर करने के लिए कई प्रयास किए। पड़ोसियों के मुताबिक, परिजनों ने झाड़-फूंक कराने के साथ डॉक्टर से भी सलाह ली थी। परिवार को उम्मीद थी कि इससे हालात सुधरेंगे और भाइयों की परेशानी दूर होगी। इसके बावजूद छह महीने के भीतर तीनों की मौत हो गई। इन घटनाओं के पीछे मानसिक परेशानी या किसी अन्य कारण की भूमिका थी या नहीं, यह स्पष्ट करने के लिए तथ्यों और जांच की जरूरत है।

तीनों भाइयों की मौत के बाद वाजिदपुर के लोगों में डर और बेचैनी का माहौल है। पड़ोसियों का कहना है कि पहले लोग देर शाम तक घरों के बाहर बैठते थे, लेकिन अब कई लोग शाम सात बजे ही दरवाजे बंद कर लेते हैं। कुछ स्थानीय लोगों के मुताबिक, दरवाजे पर किसी के दस्तक देने से भी उन्हें डर लगने लगा है। इस घटना को लेकर इलाके में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, सपनों में मृत भाइयों के बुलाने की बात अपने आप में किसी अलौकिक कारण का प्रमाण नहीं है।

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