September 7, 2026

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जम्मू में गलती से भारतीय सीमा में दाखिल हुआ पाकिस्तानी नागरिक लौटा, BSF ने रेंजर्स के हवाले किया

जम्मू में भारतीय सीमा में गलती से प्रवेश करने वाले एक पाकिस्तानी नागरिक को सोमवार को पाकिस्तान वापस भेज दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान रेंजर्स के हवाले कर दिया। बताया गया कि पाकिस्तानी नागरिक की पहचान सियालकोट जिले के लुनी पुंद्रा गांव निवासी नज़ीर साधीर के रूप में हुई है। उसे गोलपट्टन बॉर्डर आउट-पोस्ट के पास पाकिस्तान रेंजर्स को सौंपा गया। अधिकारियों ने बताया कि व्यक्ति के भारत में प्रवेश करने के पीछे किसी तरह की आपराधिक या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी सामने नहीं आई। प्रारंभिक जांच में यही पता चला कि वह अनजाने में सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में पहुंच गया था। सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी पहचान और सीमा पार करने की परिस्थितियों की पुष्टि करने के बाद उसे सुरक्षित तरीके से वापस पाकिस्तान भेजने की कार्रवाई की।

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3 सितंबर को कनाचक इलाके में पकड़ा गया था पाकिस्तानी नागरिक

नज़ीर साधीर को जम्मू के कनाचक इलाके में 3 सितंबर को पकड़ा गया था। सुरक्षा बलों के अनुसार, वह अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करके भारतीय क्षेत्र में आ गया था। सीमा क्षेत्र में उसकी मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा कर्मियों ने उसे हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच के दौरान उससे भारत में प्रवेश करने के कारणों के बारे में जानकारी ली गई। पूछताछ में सामने आया कि वह पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाके में रहने वाला व्यक्ति है। उसके पास से मिली जानकारी और पहचान संबंधी विवरणों की जांच की गई। जांच एजेंसियों ने यह भी पता लगाने का प्रयास किया कि उसका भारतीय क्षेत्र में प्रवेश जानबूझकर था या अनजाने में हुआ। कि उसने सीमा गलती से पार की थी। इसके बाद उसे वापस पाकिस्तान भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।

अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान नज़ीर साधीर ने बताया कि वह पाकिस्तान के सियालकोट जिले के लुनी पुंद्रा गांव का निवासी है। सीमा से सटे इलाके में रहने के कारण उसके भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने की परिस्थितियों की जांच की गई। सुरक्षा अधिकारियों ने उसकी पहचान से संबंधित जानकारी की पुष्टि करने के साथ-साथ पूरे मामले की आवश्यक जांच की। जांच के दौरान ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया, जिससे उसके भारत में प्रवेश को किसी संगठित गतिविधि से जोड़ा जा सके। अधिकारियों ने बताया कि उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह मामला अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने का प्रतीत हुआ। सीमा पर इस तरह की घटनाओं में सुरक्षा बल पहले व्यक्ति की पहचान और उसके प्रवेश के कारणों की पुष्टि करते हैं। इसी प्रक्रिया के तहत नज़ीर साधीर से भी पूछताछ की गई और संबंधित जानकारी जुटाई गई।

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BSF ने फ्लैग मीटिंग के बाद पाकिस्तान रेंजर्स को सौंपा

मामले की जांच पूरी होने के बाद सीमा सुरक्षा बल ने पाकिस्तान रेंजर्स से संपर्क किया। दोनों पक्षों के अधिकारियों के बीच इस मामले को लेकर फ्लैग मीटिंग आयोजित की गई। फ्लैग मीटिंग के दौरान पाकिस्तानी नागरिक की पहचान और उसके भारतीय क्षेत्र में पहुंचने की परिस्थितियों से जुड़ी जानकारी साझा की गई। अधिकारियों ने बताया कि बातचीत के बाद उसे पाकिस्तान वापस सौंपने पर सहमति बनी। इसके बाद BSF ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत नज़ीर साधीर को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पहुंचाया। वहां उसे पाकिस्तान रेंजर्स के अधिकारियों के हवाले कर दिया गया। सीमा पर दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच इस तरह की बैठकों के जरिए कई मामलों को आपसी समन्वय के साथ सुलझाया जाता है। इस मामले में भी जांच और औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद पाकिस्तानी नागरिक को उसके देश वापस भेज दिया गया।

सोमवार को नज़ीर साधीर को गोलपट्टन बॉर्डर आउट-पोस्ट क्षेत्र में पाकिस्तान रेंजर्स को सौंपे जाने के साथ ही यह मामला समाप्त हो गया। अधिकारियों के अनुसार, उसे वापस भेजने से पहले उसकी पहचान और सीमा पार करने से जुड़ी परिस्थितियों की आवश्यक पुष्टि की गई थी। सुरक्षा बलों ने बताया कि व्यक्ति के खिलाफ भारतीय क्षेत्र में किसी संदिग्ध गतिविधि में शामिल होने की जानकारी सामने नहीं आई। जांच में यह स्पष्ट होने के बाद कि वह कथित तौर पर गलती से भारतीय सीमा में दाखिल हुआ था, उसे मानवीय और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत पाकिस्तान लौटाया गया। 3 सितंबर को कनाचक क्षेत्र में पकड़े जाने के बाद से वह भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में था। पाकिस्तान रेंजर्स के साथ फ्लैग मीटिंग और जरूरी औपचारिकताओं के बाद उसे अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सौंप दिया गया।

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