July 24, 2026

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इंदौर

मैकेनिकल इंजीनियर बना हाईटेक चोर, इंदौर पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

मध्य प्रदेश के इंदौर में पुलिस ने एक ऐसे हाईटेक चोर को गिरफ्तार किया है, जिसने अपनी तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल अपराध के लिए किया। आरोपी महंगे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और अन्य कीमती सामान चोरी कर उन्हें बाजार में बेचकर मोटी कमाई करता था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मैकेनिकल इंजीनियर है और पहले उत्तर प्रदेश के नोएडा में आयकर विभाग में टैक्स असिस्टेंट के पद पर भी काम कर चुका है। उसकी शैक्षणिक योग्यता और सरकारी नौकरी का अनुभव जानकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपी सुनियोजित तरीके से चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था और चोरी किए गए सामान को अलग-अलग माध्यमों से बेचकर लाभ कमाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कब से इस अवैध गतिविधि में शामिल था और उसके साथ अन्य लोग भी जुड़े थे या नहीं।

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इंजीनियरिंग की डिग्री के बाद चुना अपराध का रास्ता

पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी भी की, लेकिन बाद में उसने अपराध का रास्ता चुन लिया। जांच में पता चला कि वह तकनीकी ज्ञान का उपयोग सुरक्षा व्यवस्थाओं को समझने और चोरी की घटनाओं को अंजाम देने में करता था। आरोपी विशेष रूप से महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को निशाना बनाता था क्योंकि इन्हें आसानी से अच्छे दामों पर बेचा जा सकता था। चोरी के बाद वह सामान को अलग-अलग खरीदारों तक पहुंचाकर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश करता था। पुलिस का मानना है कि आरोपी लंबे समय से इस तरीके से अपराध कर रहा था। उसकी गतिविधियों ने कई लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया। अब पुलिस उसके पुराने रिकॉर्ड और संभावित आपराधिक नेटवर्क की भी जांच कर रही है ताकि मामले से जुड़े हर पहलू का खुलासा किया जा सके।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी चोरी किए गए लैपटॉप, मोबाइल फोन, टैबलेट और अन्य महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बेचकर अच्छी खासी कमाई करता था। वह चोरी के सामान को कम कीमत पर बेचकर जल्दी नकदी हासिल कर लेता था। पुलिस को शक है कि आरोपी ने कई राज्यों में भी इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया हो सकता है। फिलहाल अधिकारी उसके मोबाइल फोन, बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रहे हैं ताकि चोरी से अर्जित आय का पूरा रिकॉर्ड मिल सके। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि चोरी का सामान खरीदने वाले लोग कौन थे और क्या वे इस गिरोह का हिस्सा थे। जांच एजेंसियां आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही हैं ताकि उसके पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके और चोरी की अन्य घटनाओं का भी पता लगाया जा सके।

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इंदौर पुलिस ने तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंच बनाई

इंदौर पुलिस ने लगातार मिल रही चोरी की शिकायतों के बाद तकनीकी जांच शुरू की और कई अहम सुराग जुटाए। सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं, जिसके आधार पर पुलिस चोरी किए गए कुछ सामान की बरामदगी भी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से वारदात करता था और अपनी पहचान छिपाने के लिए कई उपाय अपनाता था। इसके बावजूद पुलिस ने वैज्ञानिक जांच और सटीक सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी किसी संगठित गिरोह से जुड़ा था या अकेले ही वारदातों को अंजाम देता था।

मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं के बीच इंदौर पुलिस की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस गिरफ्तारी से कई लंबित मामलों के खुलने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर अन्य मामलों की भी जांच आगे बढ़ाई जाएगी। साथ ही चोरी का सामान खरीदने और बेचने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षित युवाओं का अपराध की ओर बढ़ना समाज के लिए चिंता का विषय है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना देने की अपील की है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।

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