पश्चिमी चंपारण जिले से सटे भारत-नेपाल सीमा के सुस्ता क्षेत्र में एक बार फिर तनाव बढ़ गया। सीमा सुरक्षा बल ने आरोप लगाया कि नेपाल के सुस्ता गांव के बड़ी संख्या में ग्रामीण विवादित क्षेत्र पहुंचे। अधिकारियों के अनुसार ग्रामीणों ने पहले से बनी द्विपक्षीय सहमति के बावजूद मिट्टी का बांध बनाना शुरू किया। एसएसबी के जवानों ने निर्माण कार्य रोकने का प्रयास किया और नेपाल के अधिकारियों से बातचीत शुरू की। इसी दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। अधिकारियों ने दावा किया कि भीड़ ने सरकारी कार्य में बाधा डाली और सुरक्षाबलों का विरोध किया। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में अतिरिक्त सतर्कता बढ़ा दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर आगे की कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी।
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भारत-नेपाल: सुस्ता सीमा पर बांध निर्माण को लेकर बढ़ा विवाद, एसएसबी ने जताई आपत्ति
एसएसबी के अनुसार जवान नियमित गश्त और सीमा निगरानी के दौरान विवादित स्थान पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने भारतीय सीमा की ओर मिट्टी का बांध बनते हुए देखने का दावा किया। जवानों ने निर्माण कार्य पर आपत्ति जताई और नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल से बातचीत की। बातचीत जारी रहने के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। एसएसबी ने आरोप लगाया कि भीड़ ने जवानों के साथ दुर्व्यवहार किया और सरकारी कार्य रोका। अधिकारियों के अनुसार कुछ लोगों ने लाठी-डंडों और पत्थरों के साथ आक्रामक व्यवहार अपनाया। हालात बिगड़ते देख सुरक्षा बलों ने संयम बनाए रखा और स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया। घटना के बाद सीमा क्षेत्र में कुछ समय तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
एसएसबी ने बताया कि 31 जुलाई 2026 को दोनों देशों के अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। बैठक में विवादित सुस्ता क्षेत्र में यथास्थिति बनाए रखने और नया निर्माण नहीं करने पर सहमति बनी थी। सुरक्षा एजेंसी ने आरोप लगाया कि इस समझौते के बावजूद निर्माण कार्य शुरू किया गया। अधिकारियों ने कहा कि समझौते के उल्लंघन ने सीमा पर तनाव बढ़ाने का काम किया। जवानों ने पहले बातचीत के माध्यम से स्थिति सामान्य बनाने की कोशिश की। इसके बावजूद भीड़ ने कथित रूप से भारतीय सीमा की दिशा में पथराव किया। सुरक्षा बलों ने स्थिति को संभालते हुए किसी बड़े टकराव से बचने का प्रयास किया। घटना के बाद अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की।
पथराव के बाद 150 से 200 अज्ञात लोगों पर FIR, जांच में जुटी पुलिस
घटना के बाद एसएसबी ने वाल्मीकिनगर थाना में विस्तृत लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में नेपाल के सुस्ता गांव के लगभग 150 से 200 अज्ञात लोगों का उल्लेख किया गया। पुलिस ने आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। अधिकारियों ने कहा कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों की विस्तार से जांच होगी। पुलिस ने सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी भी बढ़ा दी है। स्थानीय प्रशासन लगातार सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए हुए है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति बनाए रखने की अपील की। मामले की जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुस्ता क्षेत्र लंबे समय से भारत और नेपाल के बीच संवेदनशील तथा विवादित इलाकों में शामिल रहा है। गंडक नदी की धारा बदलने के कारण सीमा निर्धारण को लेकर वर्षों से मतभेद बने हुए हैं। इसी वजह से दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां इस क्षेत्र पर लगातार विशेष निगरानी रखती हैं। हालिया घटना के बाद सीमा सुरक्षा को लेकर सतर्कता और बढ़ा दी गई है। वाल्मीकिनगर थाना पुलिस ने पुष्टि की कि मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच जारी है। अधिकारियों ने कहा कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच के बाद आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे। नेपाल की ओर से इस घटना पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन ने सीमा क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया।
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