हैदराबाद की उत्तर क्षेत्र पुलिस ने प्रजनन उपचार की आड़ में चल रहे अवैध सरोगेसी और नवजात शिशु तस्करी रैकेट का खुलासा किया है। इस मामले में यूनिवर्सल सृष्टि फर्टिलिटी सेंटर की प्रमुख डॉ. अथलूरी नम्रता उर्फ पचिपाला नम्रथ समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नम्रता हैदराबाद और आंध्र प्रदेश में कई क्लिनिक चला रही थीं।
गोपालपुरम और विशाखापत्तनम शाखाओं पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने चिकित्सा उपकरण, जाली दस्तावेज़, सरोगेसी रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए। ये क्लीनिक बिना वैध लाइसेंस के काम कर रहे थे और चिकित्सा मानकों का गंभीर उल्लंघन करते हुए भ्रूण निर्माण व प्रत्यारोपण जैसी प्रक्रियाएं कर रहे थे।
फर्जी सरोगेसी के नाम पर नवजात शिशुओं की तस्करी का खुलासा
डीसीपी एस. रश्मि पेरुमल के अनुसार, यह रैकेट फर्जी सरोगेसी दावों के ज़रिए निःसंतान दंपतियों को गुमराह कर नवजात बच्चों की अवैध तस्करी कर रहा था। डॉ. नम्रता का बेटा जयंत कृष्णा, क्लिनिक प्रबंधक सी. कल्याणी, भ्रूण विशेषज्ञ चेन्ना राव और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ सदानन्दम सहित कई सहयोगियों की गिरफ्तारी हुई है।
यह मामला तब सामने आया जब एक दंपत्ति ने अगस्त 2024 में आईवीएफ सहायता के लिए क्लिनिक से संपर्क किया था। उन्हें विशाखापत्तनम भेजा गया, जहां कथित भ्रूण प्रत्यारोपण की प्रक्रिया हुई। बाद में दंपत्ति को बताया गया कि सरोगेट मां से लड़के का जन्म हुआ है और उन्हें नकली दस्तावेज़ों के साथ बच्चा सौंप दिया गया। डीएनए परीक्षण में खुलासा हुआ कि बच्चा उनका जैविक संतान नहीं था।
जांच में पता चला कि यह रैकेट वर्षों से सक्रिय था और ग्राहकों से 20-30 लाख रुपये तक वसूले जा रहे थे। कुछ महिलाओं को पैसों के बदले अवांछित गर्भ को पूरा करने के लिए मजबूर किया जाता था और फिर उन बच्चों को फर्जी दस्तावेज़ों के ज़रिए दंपतियों को सौंपा जाता था।
बच्चे के असम निवासी जैविक माता-पिता को भी गिरफ्तार किया गया है। डॉ. नम्रता के वकील बेटे पर लेन-देन संभालने और असंतुष्ट ग्राहकों को धमकाने के आरोप हैं। यह भी सामने आया है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा पंजीकरण रद्द किए जाने के बावजूद क्लिनिक अवैध रूप से चालू था और दूसरों के मेडिकल प्रमाणपत्रों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा था।
इस क्लिनिक के खिलाफ पहले भी विशाखापत्तनम, गुंटूर और हैदराबाद के विभिन्न थानों में शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस को उम्मीद है कि अभी और पीड़ित सामने आएंगे।

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