मुजफ्फरनगर, यूपी में एक हेड कांस्टेबल को तंबाकू नहीं देने के कारण सरकारी टीचर की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इन घटनाओं में मृतक और आरोपी दोनों यूपी बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी में शामिल थे। सरकार ने मृतक शिक्षक के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी घोषित की है।
मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश में सोमवार को सरकारी शिक्षक की हत्या के आरोप में एक हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार किया गया। आरोपी नशे में धुत्त होकर शिक्षक को गोली मारने का आरोप लगाया था, क्योंकि उसने उसे तंबाकू नहीं दी थी। इस घटना के बाद रविवार रात को सिविल लाइंस इलाके में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया और विपक्षी नेताओं ने इसकी आलोचना की थी। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया।
जिला मजिस्ट्रेट: टीचर को 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता घोषित
जिला मजिस्ट्रेट अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने मंगलवार को घोषणा की कि राज्य सरकार ने मृतक धर्मेंद्र कुमार के परिवार को 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। मृतक वाराणसी से शिक्षा विभाग की टीम का हिस्सा थे जो यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं एसडी इंटर कॉलेज में लेकर आई थी। इसमें टीम में एक अन्य शिक्षक और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी शामिल थे। उनके साथ वाराणसी से एक पुलिस टीम भी आई थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने कहा कि सभी लोग एक वाहन में कॉलेज के गेट का इंतजार कर रहे थे। आरोपी हेड कांस्टेबल चंद्र प्रकाश शराब के नशे में था और दूसरों से तंबाकू मांग रहा था।
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