हाथरस (उत्तर प्रदेश) ज़िले के सिकन्द्राराऊ इलाक़े के पुलराई गाँव में आयोजित एक सत्संग में मची भगदड़ से अब तक 122 लोगों की मौत हो चुकी है. अब यह सवाल उठ रहा है कि सत्संग किसका था? यह सत्संग नारायण साकार हरि नाम के कथावाचक का था, जिसके पोस्टर हाथरस की सड़कों पर लगाए गए थे. इस कथावाचक को लोग भोले बाबा और विश्व हरि के नाम से भी जानते हैं.
जुलाई महीने के पहले मंगलवार को होने वाले आयोजन को मानव मंगल मिलन कहा गया था और उसके आयोजक के तौर पर मानव मंगल मिलन सद्भावना समागम समिति का नाम है. इस समिति के छह आयोजकों के नाम भी हैं, लेकिन उन सबके मोबाइल बंद हैं और स्थानीय पुलिस का संपर्क भी इन लोगों से नहीं हो पाया है.
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“सत्संग समारोह” का मामला दर्ज
हालांकि इन लोगों के बारे में अलीगढ़ के पुलिस महानिरीक्षक शलभ माथुर ने बताया, “सत्संग समारोह के आयोजक मंडल और बाबा के ख़िलाफ़ संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है.” सत्संग वाले बाबा की असली कहानी किसी फ़िल्मी कहानी से कम नहीं है. सूरजपाल जाटव नामक पूर्व पुलिस कॉन्स्टेबल ने नौकरी छोड़कर यह रास्ता अपनाया और देखते-देखते लाखों भक्त बना लिए.
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