बिहार के गया में दारोगा भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की SIT ने कंप्यूटर शिक्षक वीरेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, वीरेंद्र ने 27 मई 2026 को आयोजित दारोगा मुख्य लिखित परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र की तस्वीर खींचकर सॉल्वर गैंग तक पहुंचाई थी। जांच में सामने आया कि इस काम के लिए एक लाख रुपये में सौदा तय किया गया था। पुलिस ने डिजिटल सबूतों के आधार पर आरोपी की भूमिका की जांच की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
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गया दारोगा परीक्षा में पेपर लीक का आरोप
यह मामला गया के रामपुर थाना क्षेत्र में दर्ज केस से जुड़ा है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने 27 मई को दो पालियों में पुलिस अवर निरीक्षक की मुख्य परीक्षा आयोजित की थी। परीक्षा के दौरान कुछ लोगों ने ब्लूटूथ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से अभ्यर्थियों को नकल कराने की कोशिश की थी। मामले की जांच बाद में आर्थिक अपराध इकाई की SIT को सौंपी गई। इससे पहले पुलिस इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी थी।
जांच टीम को सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ प्रश्नपत्रों की जानकारी मिली थी। पुलिस ने एक वायरल प्रश्नपत्र को ट्रेस करते हुए गया कॉलेज के परीक्षा केंद्र तक जांच पहुंचाई। टीम ने परीक्षा केंद्र का CCTV फुटेज खंगाला और तकनीकी साक्ष्यों के साथ बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग से मिले दस्तावेजों की जांच की। जांच में पता चला कि वायरल प्रश्नपत्र गया कॉलेज के परीक्षा कक्ष नंबर 49 में आवंटित हुआ था, जबकि संबंधित अभ्यर्थी उस कमरे में परीक्षा देने नहीं पहुंचा था।
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CCTV और डिजिटल सबूतों से खुला मामला
पुलिस के मुताबिक, दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:30 बजे शुरू हुई थी और करीब 10 मिनट बाद प्रश्नपत्र की तस्वीरें खींची गईं। आरोप है कि परीक्षा केंद्र पर तैनात एक बायोमेट्रिक कर्मचारी की मदद से प्रश्नपत्र की फोटो ली गई और उसे पहले से संपर्क में मौजूद सॉल्वर गैंग तक पहुंचाया गया। इसके बदले वीरेंद्र को एक लाख रुपये का पहला भुगतान मिलने की बात जांच में सामने आई है। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य लोगों और उनके बीच हुए संपर्क की जांच कर रही है।
वीरेंद्र कुमार वर्ष 2025 से गया कॉलेज में अनुबंध पर कंप्यूटर शिक्षक के रूप में काम कर रहा था और परीक्षा के दिन कार्यालय कर्मचारी के तौर पर ड्यूटी पर तैनात था। जांच में यह भी सामने आया कि वह वर्ष 2021 से ऑनलाइन परीक्षा आयोजित कराने वाली कंपनी BYTES Softech Pvt. Ltd. से जुड़ा हुआ था। पूछताछ और डिजिटल सबूतों के आधार पर पुलिस उसकी पिछली कुछ परीक्षाओं में कथित संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच कर रही है। फिलहाल SIT मामले से जुड़े अन्य आरोपियों और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल में जुटी है।
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