तेलंगाना के हैदराबाद में पुलिस ने नकली पुलिसकर्मी बनकर अपराध करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों पर व्यापारियों का अपहरण, अवैध वसूली और ठगी करने जैसे गंभीर आरोप पुलिस ने लगाए हैं। यह गिरोह पुलिस की वर्दी, नकली पहचान पत्र और हथियारों का इस्तेमाल करके लोगों को धमकाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने मिलकर कई लोगों से लाखों रुपये की वसूली करने की साजिश रची थी। गिरफ्तार आरोपियों के पास से नकली दस्तावेज, हथकड़ियां, पिस्तौल और पुलिस संबंधी कई सामान बरामद किए गए। फिलहाल पुलिस पूरे गिरोह के नेटवर्क और फरार साथियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस बनकर व्यापारियों को बनाते थे शिकार
साइबराबाद पुलिस के अनुसार, यह संगठित गिरोह खासतौर पर व्यापारियों और आर्थिक रूप से मजबूत लोगों को निशाना बनाता था। आरोपी खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को डराते और जांच के नाम पर जबरदस्ती साथ ले जाते थे। शिकायतकर्ता पूर्णचंद्र राव ने पुलिस को बताया कि अठारह मई को कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोका। आरोपियों ने कहा कि हरियाणा में उनके खिलाफ मामला दर्ज है और पूछताछ के लिए चलना होगा। इसके बाद गिरोह जबरदस्ती उन्हें कार में बैठाकर सूर्यपेट ले गया और पैसे निकालने का दबाव बनाया। बाद में आरोपियों ने ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए भी लाखों रुपये अपने खातों में जमा करवाए।
डीसीपी एन. कोटि रेड्डी ने बताया कि छह सदस्यीय गिरोह ने बेहद योजनाबद्ध तरीके से पूरी वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने पीड़ित का मोबाइल फोन छीन लिया और कई घंटों तक अवैध रूप से हिरासत में रखा था। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह नकली पुलिस पहचान पत्र और रैंक बैज का इस्तेमाल लगातार करता था। आरोपी लोगों को विश्वास दिलाने के लिए पूरी तरह पुलिस जैसी वर्दी पहनकर घटनास्थल पर पहुंचते थे। गिरोह के सदस्य खुद को विभिन्न राज्यों की पुलिस और जांच एजेंसियों से जुड़ा अधिकारी बताते थे। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह ने पहले भी कई राज्यों में इसी तरह की घटनाएं अंजाम दी हैं।
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नकली आईडी, हथियार और वर्दी के साथ चार आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हैदराबाद के रहने वाले लोग शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने नागराजू रघु वर्मा, यशवंत सिंह, सत्यभान सिंह और नागेंद्र वर्मा को गिरफ्तार किया है। वहीं बिहार निवासी प्रदीप कुमार मिश्रा और हरियाणा निवासी सुनील कुमार अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस लगातार फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी और तकनीकी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही गिरोह के बाकी सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मामले में कई और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है क्योंकि जांच अभी जारी है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में आपत्तिजनक और फर्जी पुलिस सामग्री बरामद करने का दावा किया है। जब्त सामान में एयर पिस्टल, देसी पिस्तौल, नकली पुलिस आईडी कार्ड और वर्दियां शामिल बताई गई हैं। इसके अलावा हथकड़ियां, पुलिस की मुहरें, अदालत के फर्जी दस्तावेज और लेटर पैड भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने इन वस्तुओं का इस्तेमाल लोगों को भ्रमित और भयभीत करने के लिए किया। हैदराबाद पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े पुराने मामलों की भी जांच कर रही है। इस कार्रवाई के बाद शहर में नकली पुलिसकर्मियों के नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं।


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