खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने रविवार को गोमतीनगर के उजरियाव गांव स्थित विजय खंड-1 में छापा मारकर लाखों रुपये की मिलावटी ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन और कच्चा माल बरामद किया। आरोपित किराए के कमरे में यह अवैध कारोबार चला रहे थे। छापेमारी के दौरान 1018 शीशी ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन, 27 लीटर सिरका, 70 लीटर फिनायल, 16500 खाली शीशी, नमक, सिलर और गैलन बरामद हुए, जिनकी कुल कीमत 48.56 लाख रुपये बताई गई। टीम ने कयूम अली और मोहम्मद इब्राहिम को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है और संदिग्ध औषधियों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
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आरोपियों ने चीन में निर्मित ऑक्सीटोसिन पाउडर से मिलावटी इंजेक्शन तैयार किए थे, जिसे गाजियाबाद के लोनी से मंगवाया जाता था। सहायक मंडल आयुक्त ब्रजेश ने बताया कि 25 हजार रुपये में 10 ग्राम पाउडर से एक लाख से अधिक इंजेक्शन तैयार किए जाते थे। ये इंजेक्शन मुख्य रूप से जानवरों के लिए बनाए जाते थे और डेयरी संचालकों के बीच इसकी भारी मांग थी। आरोपी 20 रुपये में 100 मिलीलीटर इंजेक्शन खरीदकर उसमें मिलावट कर 80 रुपये में बेचते थे, जबकि फुटकर में यह 200 रुपये तक बेचा जाता था। यह गिरोह सीतापुर, बाराबंकी, हरदोई, बलरामपुर और आसपास के जिलों में इस इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहा था। एसटीएफ और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने आरोपियों का नेटवर्क उजागर किया, जो सरकारी और निजी वाहनों से इन इंजेक्शनों की आपूर्ति करते थे।
ऑक्सीटोसिन तस्करी स्वास्थ्य पर खतरनाक असर कई गिरफ्तार
ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का मुख्य रूप से बच्चों के जन्म के दौरान गर्भाशय संकुचन बढ़ाने और दूध निकालने के लिए प्रयोग किया जाता है, लेकिन यह जानवरों में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए भी इस्तेमाल होता है। हालांकि, जानवरों पर इसका प्रयोग प्रतिबंधित है, क्योंकि इसके बाद निकाला गया दूध स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इस मिलावटी इंजेक्शन का सेवन इंसानों के लिए भी खतरनाक है, क्योंकि यह हार्मोनल असंतुलन, पेट की समस्याएं, तनाव और एलर्जी जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। हाल ही में, इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ कई कार्रवाइयां की गई हैं, जिसमें लाखों रुपये कीमत की ऑक्सीटोसिन बरामद की गई है, और तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
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