एको जनरल इंश्योरेंस कंपनी की 900 से ज्यादा थर्ड पार्टी बीमा पॉलिसी फर्जी मिलने के मामले में 23 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।हालांकि इन सभी गाड़ियों को काली सूची में डाला जा चुका है, लेकिन आरटीओ और न ही कंपनी ने फर्जी बीमा पॉलिसी को रोकने के लिए कोई कदम उठाया है।
आरटीओ में 30 मई को बंगलूरू से संचालित होने वाली एको जनरल इंश्योरेंस कंपनी की गाड़ियों के बीमा फर्जी पाए गए थे। मोपेड व स्कूटर की बीमा पॉलिसी ट्रक, कंटेनर जैसे भारी वाहनों की दर्शाकर वाहनों के ट्रांसफर, फिटनेस जांच आदि काम कराए जा रहे थे। कंपनी की सूचना पर आरटीओ ने वाहनों के बीमा की क्यूआर कोड स्कैन करके जांच कराई। जांच में 900 से अधिक गाड़ियों बीमा पॉलिसी फर्जी पाई गई थीं। थर्ड पार्टी बीमा में भारी वाहनों का शुल्क बचाने के लिए स्कूटर जैसे वाहन की बीमा पॉलिसी लगाई गई थीं।
आरटीओ ने कंपनी को अपने अधिकृत स्थानीय एजेंट और कंपनी मुख्यालय में बीमा पॉलिसी फीड करने वालों के विरुद्ध जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए थे। कंपनी ने अभी तक आरटीओ के पत्र का जवाब तक नहीं भेजा है। आरटीओ में भी इस पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई नहीं की गई है। फिटनेस कराने या अन्य कार्य के लिए आने वाले वाहनों के बीमा की जांच नहीं की जा रही है।
कंपनी का जवाब नहीं मिला, रिमाइंडर भेजेंगे
एआरटीओ प्रशासन एके सिंह ने बताया कि बीमा कंपनी को नोटिस देकर स्थानीय प्रतिनिधि और मुख्यालय पर डाटा फीडिंग करने वालों पर मिलीभगत का अंदेशा जताते हुए कार्रवाई की बाबत पूछा गया था। लेकिन कंपनी ने अभी जवाब नहीं भेजा है। अब कंपनी को रिमाइंडर भेजा जाएगा।


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