जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा क्षेत्र में बुधवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया। इस दौरान एक जवान भी घायल हो गया। भारतीय सेना की चिनार कोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस ऑपरेशन की जानकारी दी। इससे पहले, कुपवाड़ा के लोलाब क्षेत्र में मंगलवार को भी मुठभेड़ हुई थी। आतंकवादियों की उपस्थिति की विशिष्ट सूचना मिलने पर भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 23 जुलाई को एक संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया था। 24 जुलाई को संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए सतर्क सैनिकों ने उन्हें चुनौती दी, जिसके जवाब में आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इस मुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया और एक एनसीओ घायल हो गया।
Also Read:एक निर्णय से सोने की तस्करी खत्म होगी, यूपी में तस्करी सात गुना बढ़ी थी
कुपवाड़ा में आतंकियों की गतिविधियों की सूचना पर मुठभेड़
मंगलवार को एक अधिकारी ने बताया कि लोलाब के त्रिमुखा टॉप क्षेत्र में सुरक्षाबलों को आतंकियों की गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके आधार पर कुपवाड़ा पुलिस ने सेना की 28 और 22 राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों के साथ मिलकर इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। घेरा सख्त होने पर आतंकियों ने जवानों पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की।
इस बीच, पुंछ के कृष्णा घाटी क्षेत्र में घुसपैठ की साजिश को नाकाम करते हुए सेना का एक जवान बलिदान हो गया। सेना की व्हाइट नाइट कोर ने एक्स पर बताया कि पुंछ जिले की मेंढर तहसील के कृष्णा घाटी सेक्टर में सेना की 7 जाट रेजिमेंट और सीमा सुरक्षा बल की 158वीं वाहिनी के जवानों ने सोमवार रात को अग्रिम चौकी बिच्छू से आगे बट्टल नाले के पास एम्बुश लगा रखा था। तड़के करीब तीन बजे जवानों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले बटटल क्षेत्र से दो से तीन आतंकियों को घुसपैठ करते देखा। जवानों के ललकारने पर आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी।
इस दौरान, आतंकियों द्वारा फेंके गए ग्रेनेड की चपेट में आकर लांस नायक सुभाष चंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में बलिदान हो गए। सेना और घुसपैठियों के बीच दोपहर तक गोलीबारी हुई, लेकिन अंततः आतंकी भौगोलिक परिस्थितियों का लाभ उठाते हुए भाग निकले।
Also Read:भारतीय हॉकी टीम के मशहूर गोलकीपर श्रीजेश ने की संन्यास की घोषणा


More Stories
Two Lok Sabha MPs Refuse Salary: Meet the Lawmakers Who Decline Pay
IT कंपनियों पर बढ़ सकते हैं साइबर हमले NASSCOM ने सुरक्षा बढ़ाने की दी सलाह
US-Iran conflict impact: Market turmoil and protests in Parliament