एक अधिकारी ने बताया कि इनमें से कुछ आतंकी सरकारी सेवाओं में शामिल होकर अनुबंध प्राप्त करने में सफल रहे, जबकि दूसरों ने निजी व्यवसायों और यहां तक कि अदालतों में नौकरी हासिल की। जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) की जांच एजेंसी और आपराधिक जांच विभाग के एक विशेष अभियान के दौरान लंबे समय से फरार आठ आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है.
Also Read: भजनपुरा: Amazon Manager की हत्या मामले में माया गैंग के दो बदमाश अरेस्ट
पुलिस के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. जम्मू-कश्मीर की जांच एजेंसी और आपराधिक जांच विभाग ने समाज में घुल-मिलकर रहने वाले अपराधियों और आतंकवादियों की तलाश शुरू कर दी है, जिसके मद्देनजर यह अभियान चलाया गया था.
Also Read: Adani Group Denies “Recycled Allegations” In OCCRP Report
सामर्थ्यपूर्ण आपूर्ति से एसआईए ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी को पकड़ा
आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) से आपूर्ति के साथ, एसआईए के गुप्त जानकारी से, राज्य जांच एजेंसी (एसआईए)ने आतंकवादी को पकड़ा. जासूसों ने महीनों तक बिना ध्वनि किए तीन दशकों के बाद वांछित आठ आतंकवादियों को पकड़ा. एसआईए ने जम्मू-कश्मीर में आतंक को साफ करने के लिए बड़े उद्देश्य और लक्ष्य का प्राप्त किया है. यह विशेष अभियान उन आतंकवादियोंकी तलाश के लिए चलाया जा रहा है जो अदालत के सामने आने से बचे हैं.
Also Read: India’s Chandrayaan-3 moon rover Pragyan snaps 1st photo
अधिकारी ने बताया कि 734 भगोड़ों में से 327 आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियों में वांछित थे. 369 भगोड़ों का सत्यापन और पहचान एसआईए ने किया, जिनमें 215 जम्मू में और 154 कश्मीर में हैं. 80 सत्यापित भगोड़ों में से मौत हो चुकी है, 45 पाकिस्तान या पीओके में रह रहे हैं. 127 की जानकारी नहीं मिल सकी, कुछ चार जेलों में हैं. 417 कश्मीर और 317 जम्मू में भगोड़े शामिल हैं, इनमें से 327 कश्मीरमें आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियों में शामिल हैं।
Also Read : South Africa: जोहानिसबर्ग में बहुमंजिला इमारत में भीषण आग, 63 की मौत, 40 घायल
जम्मू-कश्मीर पुलिस अधिकारी के मुताबिक
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आठ भगोड़े आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियों में शामिल थे और उन पर तीन दशक पहले डोडा जिले के विभिन्न पुलिस थानों में टाडा के तहत मामला दर्ज किया गया था तथा जम्मू की टाडा अदालत में आरोप-पत्र दायर किया गया था. उन्होंने कहा कि वे अपने मूल स्थान या कुछ दूर के स्थानों पर सामान्य पारिवारिक जीवन का आनंद लेने से पहले भूमिगत होकर दशकों तक कानून के चंगुल से बचते रहे.
Also Read: दिल्ली में लगाए गए शिवलिंग शेप वाले फव्वारे, मचा बवाल
अधिकारी ने साझा किया कि कुछ भगोड़े सरकारी सेवाओं में सफल रहे, दूसरे निजी व्यवसायों और अदालतोंमें नौकरियां प्राप्त की. एक गिरफ्तारी व्यक्ति जम्मू के सरकारी कर्मचारी आदिल फारूक फरीदी है.
गिरफ्तार अन्य अपराधियों की पहचान मोहम्मद इकबाल, मुजाहिद हुसैन, तारिक हुसैन, इश्तियाक अहमद देव, अजाज अहमद और जमील अहमद के रूप में की गई है.
पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी कि उनके खिलाफ जारी वारंट के तहत उन्हें जम्मू में टाडा/पोटा अदालतमें पेश किया जाएगा.
Also Read : SA vs AUS: ऑस्ट्रेलिया की नई नवेली टीम के सामने साउथ अफ्रीका हुई बुरी तरह फ्लॉप


More Stories
CRPF Launches Inquiry as Eight Assistant Commandants Skip Special DG’s Official Lunch
ब्रिटेन से भारत लौटेगी वाग्देवी की दुर्लभ प्रतिमा, सरकार ने तेज किए कूटनीतिक प्रयास
Bihar model schools get new look as principals follow renaming and repainting orders